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किसान आत्महत्या: बेटे ने किसानों की दुर्दशा तो पुलिस ने आत्महत्या प्रवृत्ति को बताया जिम्मेदार

Thu, 27 Jun 2019 09:37 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसिंहनगर
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किसान सोहन लाल - फोटो : Social Media
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राजस्थान में तीन दिन पहले 41 साल के सोहन लाल कंदेला ने आत्महत्या करते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया। जिसमें उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर चुनाव के दौरान किए वादों से मुकरने का आरोप लगाया है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि जमीन पर किसानों के कर्जमाफ नहीं हुए हैं। किसान की आत्महत्या के पीछे दो कारण सामने आ रहे हैं। जिसके कारण उन्होंने सल्फास खाकर आत्महत्या की। 

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पुलिस जांच में सामने आया है कि संभावित वैवाहिक विवाद या आत्महत्या की प्रवृत्ति के कारण किसान ने आत्महत्या की क्योंकि उन्हें कोई आर्थिक एंगल नहीं मिला है। वहीं कंदेला के रिश्तेदार का कहना है कि वह सामाजिक कल्याण में विश्वास करते थे और अपने साथी किसानों की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने आत्महत्या की। हालांकि दोनों पक्ष कुछ बिंदुओं पर सहमत हैं। 17 फरवरी 2016 को कंदेला ने सिंडिकेट बैंक और सिंडिकेट किसान क्रेडिट कार्ड से एक-एक लाख रुपये का कर्ज लिया था।

पहला कर्ज जहां उनके नाम पर था वहीं दूसरा अपनी मां तिल्ली देवी के साथ मिलकर लिया था। तीन लाख रुपये तक की ऋण राशि के लिए लागू ब्याज दर सालाना सात प्रतिशत है, लेकिन यदि समय पर इसका भुगतान किया जाए तो इसपर चार प्रतिशत ब्याज लगता है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि 24 जून, 2019 तक कंदेला पर दो अकाउंट के जरिए बैंक के 1,24,117.73 और 1,23,055.33 रुपये बकाया थे।
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आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में कंदेला ने कहा है कि बैंक ने किसानों को परेशान किया है। बैंक के रायसिंहनगर ब्रांच के कृषि अधिकारी अजय खोट ने कहा, 'हमने कंदेला को कभी नोटिस नहीं भेजा। हालांकि उसे बकाया राशि के भुगतान के बारे में याद दिलाने के लिए फोन किया गया था। हम रोजाना बहुत से लोगों को फोन करते हैं।'

कंदेला और उनका परिवार इस बात को मानता है कि किसान के पास रायसिंहनगर में 6.25 बीघा जमीन है। यह खेती पूरी तरह से बरसात पर निर्भर करती थी और बरसात अच्छी होने पर वह साल में केवल ज्वार की खेती करता था। कंदेला अपने 16 साल के बेटे घनश्याम के साथ मिलकर एक किराना दुकान चलाते थे। वह किराए पर गद्दे बेचते थे और डीजल बेचा करते थे। उनका बेटा ग्यारहवीं में पढ़ता है जबकि बेटी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है।

कंदेला के छोटे भाई किशनलाल का कहना है कि उसे दुकान से कोई मुनाफा नहीं होता था। हालांकि पुलिस का दावा है कि उन्हें कंदेला की दुकान से एक रजिस्टर मिला है जिसमें वह बिक्री का हिसाब रखता था। अधिकारी ने कहा, 'रिकॉर्ड दिखाते हैं कि वह दुकान से 10-12,000 रुपये कमाया करता था।' किसान ने यह दुकान 2,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराए पर ली थी। दुकान के मालिक का कहना है कि उसने हमेशा समय पर किराया चुकाया है।

पुलिस और श्री गंगानगर पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा के अनुसार कंदेला के अंदर आत्महत्या की प्रवृत्ति थी। वह इससे पहले दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी है। 2008 में उसने वैवाहिक विवाद होने पर कीटनाशक पी लिया था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 2018 में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के कारण वह टंकी पर चढ़ गए थे। उन्हें नीचे लाया गया और उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था। हालांकि उनके रिश्तेदारों ने इससे इनकार किया है और उनका कहना है कि वह सामाजिक कल्याण में विश्वास रखते थे।

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