राजस्थान की राजधानी जयपुर की पारिवारिक न्यायालय क्रम-1 महानगर प्रथम ने तलाक के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी का किसी और व्यक्ति के साथ शरीरिक संबंध होना मानसिक क्रूरता है। पीड़ित पति की ओर से पेश की गईं तस्वीरों, वीडियो सहित अन्य सबूतों से यह साबित होता है कि उसकी पत्नी ने शादी के बाद भी अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाए। ऐसे में फरियादी पति तलाक लेने का हकदार है।
दरअसल, जयपुर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति ने अपनी पति से तलाक लेने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था। जिसमें उसने बताया कि 4 फरवरी 2020 को उसकी शादी नेहा (बदला हुआ नाम) से हुई थी। शादी के कुछ दिन के बाद से ही पत्नी ने उसके लड़ाई-झगड़ा करने लगी। इसके बाद जुलाई महीने में वह अपने भाई के साथ पीहर चली गई। अक्टूबर 2020 में पीड़ित पति की सोशल मीडिया के जरिए एक महिला से बातचीत हुई, इस दौरान उसने बताया कि नेहा के किसी और के साथ अवैध संबंध हैं।
कुछ दिन बात हुई मुलाकात के बाद महिला ने पीड़ित पति को उसकी पत्नी और उसके प्रेमी के अतंरग हालात के फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए। इससे पीड़ित पति को अघात लगा और उसने पत्नी नेहा से तलाक लेने के लिए पारिवारिक न्यायालय क्रम-1 महानगर प्रथम में प्रार्थना पत्र पेश किया।
पीड़ित पति की ओर से दिए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान पत्नी की ओर से कहा गया कि पति की ओर से पेश किए गए वीडियो और तस्वीरें फर्जी हैं। हालांकि, इसे लेकर वह कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।
मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि पीड़ित की पत्नी का किसी और व्यक्ति के साथ शरीरिक संबंध होना मानसिक क्रूरता है। पीड़ित पति की ओर से पेश की गईं तस्वीरों, वीडियो सहित अन्य सबूतों से यह साबित होता है कि उसकी पत्नी ने शादी के बाद भी अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाए। ऐसे में फरियादी पति तलाक लेने का हकदार है। कोर्ट ने दोनों के तलाक को मंजूरी दे दी।