राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों ने अपनी सम्पत्ति की घोषणा में अपने-आपको बे-कार बताया, मतलब उनके पास एक भी वाहन नहीं था। लेकिन प्रचार में एक से बढ़कर एक लग्जरी कारों का इस्तेमाल हो रहा है।
चर्चाएं चल रही हैं कि ये बे-कार उम्मीदवार अचानक कारवाले कैसे हो गए? माहौल देखकर तो लग रहा है कि चुनाव प्रचार में प्रत्याशियों की पहली पसंद महंगी लग्जरी गाडियां हैं।
जयपुर की सिविल लाइंस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह खाचरियावास व भाजपा प्रत्याशी अरुण चतुर्वेदी तथा किशनपोल सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अमीन कागजी जैसों ने फॉच्र्युनर गाडिय़ों को प्रचार का साधन बनाया हुआ है।
वहीं, किशनपोल से भाजपा प्रत्याशी मोहनलाल गुप्ता और आदर्श नगर से भाजपा प्रत्याशी अशोक परनामी इनोवा में दिखाई देते हैं। झोटवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रेखा कटारिया एक्सयूवी 500 में प्रचार कर रही हैं।
वहीं भाजपा के राजपाल सिंह एंडीवर व टाटा सफ ारी में प्रचार कर रहे हैं। चतुर्वेदी, खाचरियावास, कागजी व गुप्ता ने शपथ पत्र में अपने पास कोई भी वाहन नहीं होना बताया है।
सम्पत्ति छिपानेवालों को जीप चाहिए ओपन
उम्मीदवार अपनी कुल सम्पत्ति ओपन करने से बचे हों, लेकिन प्रचार में जीप ओपन ही चाहिए। मालवीय नगर से भाजपा प्रत्याशी कालीचरण सराफ और कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना शर्मा दोनों ही ओपन जीप में प्रचार करने में जुटे हैं।
वहीं हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पारीक सफेद जिप्सी का उपयोग कर रहे हैं। हवामहल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी बृजकिशोर शर्मा स्कॉर्पियो से प्रचार में जुटे हैं।