पाली जिले और नवगठित पाली संभाग में स्थित सोजत विधानसभा क्षेत्र मारवाड़ जंक्शन, पाली और जैतारण विधानसभा से सटा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि राजा त्रवणसेन की पुत्री सेजल के नाम पर मेहंदी नगरी का नाम सोजत रखा गया था। यहां पर आजादी के बाद हुए कुल 15 चुनावों में 8 बार कांग्रेस का कब्जा रहा, जबकि वर्तमान में यहां पर भाजपा काबिज है, लेकिन अबकी बार परिस्थियां बदल सकती हैं।
सोजत की मेहंदी फेमस है। देश-विदेश में इसकी डिमांड है, क्योंकि इसका रंग जल्द नहीं उतरता और यह रचती खूब है। इसी तरह यहां जिस पार्टी का रंग चढ़ जाता है, वह भी मुश्किल से ही उतरता है।
सोजत में आजादी के बाद अब तक 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें एक मर्तबा निर्दलीय, एक बार स्वतंत्र पार्टी, पांच बार भाजपा, जबकि 8 बार कांग्रस ने जीत हासिल की है। 1957 और 1962 में यहां कांग्रेस के तेजाराम ने लगातार दो बार कब्जा किया, जिसे 1967 में स्वतंत्र पार्टी के पुखराज ने छीन लिया और पुनः 1972 में पुखराज ने ही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर यहां पर जीत हासिल की।
कांग्रेस के तेजाराम लगातार जीते दो बार, दीवान लगातार जीते तीन बार
इसके पश्चात 1977, 1980 और 1985 में माधव सिंह दीवान ने लगातार इस सीट को कांग्रेस की झोली में डाला परंतु 1990 में भाजपा के लक्ष्मीनारायण दवे ने इस सीट पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 1993 में फिर से माधव सिंह दीवान ने यहां से चुनाव लड़कर जीत हासिल की और 1998 में भी इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा।
2003 से काबिज है भाजपा, संजना आगरी जीतीं लगातार दो बार
इसके बाद 2003 में यहां पर भारतीय जनता पार्टी से लक्ष्मीनारायण दवे जीते। 2008 और फिर 2013 में भाजपा की संजना आगरी लगातार दो बार जीतीं। इसके बाद वर्ष 2018 में भाजपा की शोभा चौहान ने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
पूर्व मुख्य सचिव भी हैं इस बार चुनाव मैदान में
कांग्रेस से निरंजन आर्य जो कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार भी हैं उनको यहां से टिकट मिलना तय माना जा रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की स्थिति अभी साफ नहीं है और दावेदार भी ज्यादा है। वर्ष 2018 में भारतीय जनता पार्टी से शोभा चौहान ने कांग्रेस की शोभा सोलंकी को करीब 32 हजार वोटों के मार्जिन से हराया था। इन चुनावों में भाजपा की शोभा चौहान को 80 हजार 645, जबकि कांग्रेस की शोभा सोलंकी को 48 हजार 247 मत मिले थे। 2023 विधानसभा चुनाव में सोजत एससी सीट से राजस्थान सरकार के पूर्व मुख्य सचिव व वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार निरंजन आर्य सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे हैं।
विधायक के साथ कई अन्य नेता भी जुटे तैयारियां में
वर्तमान में यहां पर भाजपा का कब्जा है और शोभा चौहान यहां से फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। इसी के साथ पूर्व विधायक रही आगरी एवं देसूरी सें विधायक रह चुकी लक्ष्मी बारूपाल, पत्रकार मनोहर सोलंकी, हीरालाल काटेर, गुणेश रावल सहित कई अन्य नेता भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और फील्ड में सक्रिय हो चुके हैं।
भाजपा के सामने चुनौती
सोजत विधानसभा एससी सीट होने के उपरांत भी इसे भाजपा का गढ़ माना जाता है। इसके उपरांत भी आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को मेहनत करनी होगी क्योंकि वर्तमान गहलोत सरकार के साढे़ चार वर्ष के कार्यकाल में किसी बडे़ जन आंदोलन का हिस्सा नहीं बनी। हाल ही में जरूर भाजपा ने धरना प्रदर्शन शुरू किए हैं।
भाजपा का सकारात्मक पहलू
यह बात और है कि सोजत विधानसभा के भाजपा का गढ़ होने से जमीनी स्तर पर हिंदू संगठन और भाजपा कार्यकर्ता मजबूती के साथ काम करते हैं, जिसका फायदा भाजपा प्रत्याशी को ही मिलता है।
कांग्रेस के टिकट पर ये नेता जता रहे हैं दावेदारी
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए निरंजन आर्य, शोभा सोलंकी, इन्द्रा मेघवाल, रतन प्रकाश एवं गुणेश रावल सहित कई दावेदार शामिल हैं।