हंगामे के बाद जाम और भगदड़ से अफरा-तफरी का माहौल।
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पाली जिले के रानी कस्बे के पास स्थित बालराई गांव में शुक्रवार को डीएनटी (घुमंतु, अर्ध-घुमंतु एवं विमुक्त) संघर्ष समिति और राष्ट्रीय पशुपालक संघ का आंदोलन अचानक उग्र हो गया। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कई दिनों से चल रहा महापड़ाव शाम को उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने ब्यावर–पिंडवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-162) को जाम करने की कोशिश की।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग।
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पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया
मौके पर मौजूद पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं मानी और पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इस दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं
करीब एक घंटे तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर यातायात बहाल कराया। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।एएसपी विपिन शर्मा ने बताया कि “भीड़ द्वारा पथराव किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन अब हालात सामान्य हैं। प्रशासन आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों से लगातार बातचीत कर रहा है।”
पुलिस बल विरोध स्थल पर मुस्तैद।
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प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- डीएनटी मंत्रालय का गठन
- आवासीय भूमि के पट्टे जारी करना
- बच्चों की शिक्षा के लिए अलग बजट
- पंचायत और शहरी निकायों में सीट आरक्षण
- जातियों की सूची में विसंगतियां दूर करना
- सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10% आरक्षण