पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कई जगह लोग धरने पर बैठ गए हैं तो कई जगह लोग आंदोलन भी कर रहे हैं। परिजनों ने 50 लाख रुपए का मुआवजा, एक सरकारी नौकरी और पुलिस के खिलाफ जांच कराने की मांग की है।
राजस्थान के नागौर के डीडवाना में सामूहिक दुष्कर्म के बाद हुई महिला की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृत पीड़िता के परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। वहीं मांगों को लेकर जहां पीड़िता के परिजन धरने पर बैठ गए हैं वहीं न्याय के लिए कई जगह लोग आंदोलन भी कर रहे हैं। परिजनों ने 50 लाख रुपए का मुआवजा, एक सरकारी नौकरी और पुलिस के खिलाफ जांच कराने की मांग की है।
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आधी रात के बाद शव जयपुर से डीडवाना शिफ्ट किया
आधी रात के बाद सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का शव जयपुर से डीडवाना शिफ्ट किया गया। SMS अस्पताल के बाहर पीड़िता के परिजनों को भी हटाया गया। पीड़िता के शव को बांगड अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट किया गया। उपखंड अधिकारी कार्तिकेय मीणा और सीओ गोमाराम की मौजूदगी में बॉडी मोर्चरी में रखी गई। वहीं, अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात है।
कई जगह धरना तो कई जगह आंदोलन
वहीं इस मामले पर कई सामाजिक संगठनों ने बैठक बुलाई। बैठक के बाद सामाजिक संगठन, राजनीतिक दल और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना पर रोष व्यक्त किया। वहीं, घटना के विरोध में और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कचहरी परिसर में अनिश्चितकालीन धरने का फैसला लिया गया।
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भाजपा और माकपा नेताओं का प्रदर्शन
भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा, श्यामप्रताप सिंह रुवां, माकपा नेता भागीरथ यादव युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव सुखराम डोडवाड़ीया की अगुवाई में सैकड़ों लोग कचहरी परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देने के लोई जैसे ही भीड़ ने कचहरी परिसर में जाने की कोशिश की तो पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया।
क्या है मामला
नागौर के डीडवाना उपखंड के गांव पालोट में एक विवाहिता लापता हो गई थी। परिवार वालों ने दो लोगों पर शक जताते हुए थाने में केस दर्ज कराया था। परिजन महिला की तलाश के लिए रोज थाने आकर गुहार लगाते रहे, लेकिन सीआई नरेंद्र जाखड़ छुट्टी पर चले गए थे। एक मामले की जानकारी लेने एसपी राममूर्ति जोशी डीडवाना थाना पहुंचे तो महिला के परिजनों ने उन्हें मामला की जानकारी दी थी। संदिग्धों को पकड़ कर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि गैंगरेप के बाद महिला को गांव के बाहर एक खाई में फेंक दिया था। पुलिस को महिला खाई में बेहोशी की हालत में मिली थी। छह दिन खाई में पड़े रहने के कारण उसके जख्मों में कारण कीड़े पड़ गए थे। गंभीर हालत में उसे सवाई मानसिंह अस्तपाल में भर्ती कराया गया। यहां सात दिन चले इलाज के बाद गुरुवार देर शाम उसकी मौत हो गई थी।