दीपावली पर मिठाइयों और दूध से बने खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। धौलपुर के मनियां क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान करीब 600 किलो मावा दूषित और दुर्गंधयुक्त मिला, जबकि 45 किलो वनस्पति घी एक्सपायरी पाया गया। विभाग ने दोनों को नष्ट करवा दिया। इसके अलावा दो डेयरी प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
लक्ष्मीधर मावा प्लांट में मिला 600 किलो दूषित मावा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धर्म सिंह मीणा ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी और जिला कलक्टर श्रीनिधि बी.टी. के निर्देश पर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने मनियां क्षेत्र के कुरसेड़ा खुर्द जसुपुरा स्थित लक्ष्मीधर मावा प्लांट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मावा, मिश्रित दूध, रिफाइंड पामोलीन तेल और क्रीम के नमूने लिए। मौके पर करीब 600 किलोग्राम मावा दूषित और दुर्गंधयुक्त पाया गया। खाद्य सुरक्षा दल ने नियमानुसार गड्ढा खुदवाकर मावे को नष्ट करवा दिया, ताकि इसे खाद्य पदार्थों के निर्माण या बिक्री में इस्तेमाल नहीं किया जा सके।
45 किलो एक्सपायरी वनस्पति घी भी नष्ट करवाया
कार्रवाई के दौरान प्लांट पर करीब 45 किलोग्राम एक्सपायरी वनस्पति घी भी मिला। खाद्य सुरक्षा दल ने इसे भी मौके पर नष्ट करवा दिया। विभाग का उद्देश्य दूषित और अनुपयोगी खाद्य सामग्री को बाजार तक पहुंचने से रोकना है, ताकि त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने की आशंका कम की जा सके।
दूसरी डेयरी से मावा और क्रीम के नमूने लिए
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने कुरसेड़ा कला, तहसील मनियां स्थित मुकेश दूध डेयरी एवं मावा प्रोडक्ट का भी निरीक्षण किया। यहां से मावा और क्रीम के नमूने लिए गए। सीएमएचओ डॉ. मीणा के अनुसार, अभियान के दौरान एकत्र किए गए खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली तक जारी रहेगी मिलावट के खिलाफ कार्रवाई
डॉ. मीणा ने बताया कि दीपावली के दौरान दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों, खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। आमजन को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पदम सिंह परमार, वीरेंद्र परिहार, रविंद्र मीणा और दीक्षा के नेतृत्व में गठित टीम संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच, नमूनीकरण और शिकायतों के आधार पर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण और विक्रय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मिलावट या मानकों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, दीपावली तक जिलेभर में निरीक्षण और नमूनीकरण का अभियान जारी रहेगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट, दूषित सामग्री के इस्तेमाल या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने कारोबारियों से गुणवत्ता मानकों का पालन करने की अपील की है। साथ ही आमजन से कहा है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग को शिकायत दें, ताकि समय रहते जांच और कार्रवाई की जा सके।