राजस्थान के धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में वर्ष 2014 में रिखब चंद जैन और उनके बेटे पर फायरिंग और मारपीट के मामले में विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
राजस्थान के धौलपुर में करीब 12 साल पुराने फायरिंग और मारपीट के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राजाखेड़ा क्षेत्र में वर्ष 2014 में रिखब चंद जैन और उनके पुत्र पर हमला किया गया था। इस वारदात में दोनों घायल हुए थे। विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र ने मामले की सुनवाई के बाद पांच आरोपियों को दोषी ठहराया। प्रत्येक दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विज्ञापन
पिता-पुत्र पर हमला कर की गई थी फायरिंग
विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश चंद्र शर्मा के अनुसार, वर्ष 2014 में राजाखेड़ा क्षेत्र में रिखब चंद जैन और उनके पुत्र पर हमला किया गया था। आरोपियों ने पिता-पुत्र के साथ मारपीट करने के साथ फायरिंग भी की थी। इस घटना में दोनों घायल हो गए थे। वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रकरण न्यायालय पहुंचा।
न्यायाधीश राकेश गोयल की अदालत ने सुनाई उम्रकैद
लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद विशिष्ट न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र के न्यायाधीश राकेश गोयल ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने प्रमोद, अजीत, देवेंद्र उर्फ देवा, तेजा और आदित्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।करीब 12 वर्ष पुराने इस मामले में सुनाए गए फैसले के बाद आरोपियों को दी गई सजा एक बार फिर चर्चा में है।
विज्ञापन
पहले चार आरोपियों को भी हो चुकी है उम्रकैद
इस प्रकरण में पांच आरोपियों को सजा सुनाए जाने से पहले चार अन्य आरोपियों को भी आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। पूर्व में उदय, राममूर्ति, निरंजन और रामदत्त को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब पांच अन्य आरोपियों को सजा सुनाए जाने के बाद इस मामले में दोषसिद्धि और सजा की कार्रवाई आगे बढ़ी है। राजाखेड़ा में पिता-पुत्र पर हुई फायरिंग और मारपीट की इस वारदात से जुड़े प्रकरण में अलग-अलग चरणों में आरोपियों को सजा सुनाई गई है।