बजरी माफियाओं पर रोक लगाने का प्रयास कर रही पुलिस।
- फोटो : सोशल मीडिया
धौलपुर का चम्बल इलाका बजरी के अवैध खनन को लेकर बदनाम और कुख्यात है। कई बार पुलिस अधिकारियों से भी बजरी माफियाओं की भिड़ंत हो चुकी है। कई पुलिसकर्मी बजरी माफियाओं के हमले के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में बजरी माफियाओं द्वारा बनाए गए मार्ग अवरुद्ध होने से निश्चित तौर पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रतिबंधित चंबल बजरी परिवहन पर अंकुश लगेगा।
बसई डांग थाना इलाके में पुलिस प्रशासन और खनन विभाग का जॉइंट ऑपरेशन
बसई डांग थाना प्रभारी मोहन सिंह ने बताया सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल बजरी की रोकथाम के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया थाना इलाके के गांव चंदीलपुरा के जंगलों से बजरी माफियाओं द्वारा अस्थाई मार्ग बनाकर बजरी का परिवहन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार के निर्देश में गुरुवार को खनिज विभाग और वन विभाग की टीम को साथ लेकर जेसीबी मशीन से गहरे गड्डों की खुदाई कर मार्गों को अवरुद्ध किया गया है। बजरी माफियाओं ने निजी स्तर पर अस्थाई मार्ग बनाए थे। थाना प्रभारी ने बताया पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से बजरी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। बजरी माफियाओं के मार्ग अवरुद्ध होने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल बजरी के परिवहन पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया बजरी माफियाओं की धरपकड़ के लिए पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
संगठित अपराध बजरी परिवहन पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
धौलपुर जिले में संगठित अपराध सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल बजरी का परिवहन पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। बजरी माफिया जिले में चारों तरफ पनप रहे हैं। बजरी परिवहन धौलपुर जिले में संगठित अपराध का रूप ले गया है। पुलिस और प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्यवाही की जाती है। इसके बावजूद बजरी परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अधिकांश कार्रवाइयों को पुलिस द्वारा फेस किया जाता है। बजरी माफियाओं का खौफ इतना है कि पुलिस पर भी हमला करने से नहीं चूकते हैं। बेलगाम बजरी माफिया जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, मेगा हाईवे और लिंक सड़क मार्गों पर तेज रफ्तार में दुर्घटनाओं को भी अंजाम देते हैं।