धौलपुर में सदर थाना क्षेत्र के पुंठपुरा गांव में मनरेगा कार्य के दौरान बुधवार को एक मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मजदूर की मौत के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां इमरजेंसी में तैनात ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित करते हुए शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
मृतक मजदूर मुनेश (40) पुत्र छोटेलाल निवासी पुंठपुरा के शव को लेकर अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार को मजदूर साथी मजदूरों के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर पोखर निर्माण का कार्य करने के लिए पहुंचा था। पोखर की खुदाई करने के दौरान ही अचानक मजदूर काम करते करते नीचे गिर गया। मजदूर को अचानक नीचे गिरा देख साथी मजदूरों के हाथ पैर फूल गए। अचेत हालत में साथी मजदूर उसे लेकर गांव में पहुंच गए। जहां से ग्रामीणों की मदद से उसे जिला अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में तैनात ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित करते हुए शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराकर लाश को अंतिम संस्कार के लिए शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मौके पर नहीं मिली मेडिकल किट...
मनरेगा मजदूर की काम करते समय मौत हो जाने से सिस्टम की व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक, मनरेगा मजदूरों के पास मेडिकल किट रहती है। लेकिन यहां ऐसा देखने को नहीं मिला है। मजदूर ऐसा बता रहे हैं, अगर मेडिकल किट होती तो प्राथमिक उपचार मौके पर भी दिया जा सकता था।