धौलपुर के विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने सोमवार को एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में एक मुल्जिम को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 70 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि मामला धौलपुर के कोतवाली थाना इलाके का है। यहां पुलिस थाना पर एक परिवादी ने 22 मार्च 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि 20 मार्च 2021 को जब वह अपने घर पर जागा तो उसकी नाबालिग पुत्री घर पर नहीं थी। नाबालिग पुत्री को काफी जगह तलाश किया, लेकिन सुराग नहीं लग सका। तभी किसी व्यक्ति द्वारा जानकारी दी गई कि उसकी नाबालिक पुत्री सलमान खान के साथ अस्पताल रोड पर देखी गई है।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू किया और नाबालिग को अजमेर से डिटेन कर दुष्कर्म संबंधी मेडिकल करवाकर कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। मामला दुष्कर्म का पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। मुलजिम सलमान न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। मामले में लोक अभियोजक मिश्रा ने कोर्ट में 20 गवाह पेश कर दस्तावेजों को साबित कराया।
प्रकरण में न्यायाधीश जमीर हुसैन ने दोनों पक्षों की बहस और लोक अभियोजक की दलील सुनने के बाद सोमवार को मुल्जिम सलमान खान पुत्र जमील निवासी ग्वालियर को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 363, 366 में पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास और दस दस हजार रुपये का जुर्माना एवं 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा छह में दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुल्जिम को 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।