विशेष अदालत ने सुनाया नाबालिग के पक्ष में फैसला
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राजस्थान के धौलपुर जिले के विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट फैसला सुनाया है। जिले के महिला पुलिस थाना पर दर्ज हुए 15 साल की नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ छेड़छाड़ के मामले में एक मुल्जिम को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं, और साथ ही 30 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया हैं।
विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि धौलपुर जिले के महिला थाना पर एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया कि उसकी 15 साल नाबालिग भतीजी अपने भाई के साथ गांव से धौलपुर में आधार कार्ड बनवाने आई थी। लेकिन आधार कार्ड में दस्तावेज कम होने पर नाबालिग का भाई अन्य दस्तावेज लेने अपने गांव चला गया और अपनी नाबालिग बहन को अपने परिवारीजन के घर पर खाना खाने के लिए छोड़ गया था। नाबालिग खाना खाने के बाद जब आधार कार्ड बनवाने के लिए परिवारीजन के घर से निकली तो रास्ते में विष्णु नाम का युवक मिला। विष्णु ने नाबालिग को विश्वास में लेकर उसे आधार कार्ड बनवाने वाली दुकान पर छोड़ने की कह कर बाइक पर बिठा लिया। आरोपी विष्णु नाबालिग को दुकान पर ना ले जाकर उसे चम्बल पुल और मचकुण्ड पर ले गया। आरोपी विष्णु ने रास्ते में नाबालिग से छेड़छाड़ की। इसके बाद आरोपी विष्णु नाबालिग को बाइक से ले जा रहा था, तभी लालपुर गांव के पास जैसे ही बाइक धीमी हुई तो नाबालिग बाइक से उतर कर एक घर में जा घुसी। आरोपी विष्णु वहां से फरार हो गया। नाबालिग ने अपने परिजनों को इस घटना की सूचना दी। परिजनों ने नाबालिग को साथ लेकर आरोपी विष्णु के खिलाफ महिला थाना पर मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसन्धान के दौरान मुल्जिम विष्णु पुत्र मौजीराम को गिरफ्तार कर पॉक्सो न्यायालय में पेश किया। जो न्यायालय से जमानत पर चल रहा हैं। प्रकरण में न्यायाधीश जमीर हुसैन ने दोनों पक्षों की बहस और लोक अभियोजक की दलील सुनने के बाद आज मंगलवार को मुल्जिम विष्णु को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा सात और आठ में पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 363/511 में तीन साल का कठोर कारावास और दस हजार रूपये के जुर्माने से दण्डित किया हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेगी।