नैनवा उपखंड की रजलावता ग्राम पंचायत की धरमा बाई इन दिनों गांव के लिए मिसाल बनी हुई है। उन्होंने मात्र ढाई हजार रुपए में ऐसा शौचालय बनाया है जिस देखने के लिए लोग आते हैं। इसकी खास बात यह है कि यह शौचालय बांस से बनाया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजस्थान भले ही अपने जिलों को खुले में शौच से मुक्त बनाने में फिसड्डी रहा हो, लेकिन बूंदी के रालड़ी गांव की महिला ने यह साबित कर दिया है कि शौचालय बनाने के लिए केवल इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। रजलावता सरपंच रामघणी बैरवा ने यहां ग्रामीणों को जागरूक करने के मकसद से यह कहा कि शौचालय बनवाने के लिए कोई ज्यादा पैसा नहीं लगता है आप लोग बांस से भी इसका निर्माण कर सकते हैं। यह सुनते ही रालड़ी गांव की धरमा बाई ने बांस, कील और खपच्चियों की मदद से शौचालय का निर्माण कर दिया। यही नहीं, महंगी टाइल्स नहीं लगा सकी तो हाथ से मांडणे बनाकर ही उसकी साज—सज्जा कर दी।