देश के पर्यटन में विशेष महत्व रखने वाला राजस्थान का रेगिस्तान अब और चमक उठेगा। केन्द्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से मेगा डेजर्ट सर्किट विकसित किया जाएगा।
केन्द्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए राज्य के पर्यटन विभाग की 97.50 करोड़ रुपए की लागत वाली नौ परियोजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर चयन कर लिया है। मेगा डेजर्ट सर्किट इन में से एक है, जो राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां देगा।
राजस्थान में आनेवाले पर्यटक जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर आदि में रेगिस्तानी पर्यटन का आनन्द उठाने पहुंचते हैं। अब उन्हें और भी आकर्षण देखने को मिलेंगे।
ये नौ परियोजनाएं स्वीकृत
मेगा डेजर्ट सर्किट के अलावा हाडौती सर्किट, मेवाड सर्किट, सवाईमाधोपुर-करौली सर्किट, धौलपुर डेस्टिनेशन, भरतपुर-वैर-डीग सर्किट, सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर का विकास, शेखावाटी डेस्टिनेशन एवं फेयर एंड फेस्टिवल्स परियोजनाओं का चयन किया गया है।
केन्द्र सरकार की परियोजना के तहत जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, सांभर, पाली और माउंट आबू में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाना प्रस्तावित है। नई दिल्ली में केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय और राज्य पर्यटन विभाग के अधिकारियों की बैठक में इन परियोजनाओं के चयन का निर्णय किया गया।
पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
योजना के तहत पर्यटन विकास में पर्यटकों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा। इन क्षेत्रों में पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्मारकों, भवनों एवं स्थलों का रखरखाव, पर्यटन स्थलों में पार्किंग, अन्य सुविधाओं का विकास, लैंडस्केपिंग एवं अन्य पर्यटन केन्द्रित कार्य कराए जाएंगे।
पर्यटन विभाग के विकास निदेशक संजय पांडेय ने बताया कि केन्द्र ने नौ परियोजनाओं का चयन कर लिया है। जल्द ही इसके लिए विस्तृत योजना बना कर भेजी जाएगी। इसके बाद केन्द्र से राशि स्वीकृत होगी।
केन्द्र सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में 57 करोड़ रूपए की लागत से स्वीकृत 11 परियोजनाओं के लिए पहली किस्त के तौर पर 12.35 करोड़ रुपए भी जारी किए हैं।