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दिल्ली दरबार में राजस्थान का ‘पॉलिटिकल ब्लूप्रिंट’ तैयार! कैबिनेट विस्तार से लेकर राज्यसभा तक मंथन

Mon, 11 May 2026 04:35 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से मुलाकात के बाद राजस्थान में कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और बोर्ड-निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों की चर्चा तेज हो गई है। बैठकों में राज्यसभा चुनाव और नए चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर भी मंथन हुआ।

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राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव के संकेत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की राजनीति में जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों को सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि राजस्थान के अगले राजनीतिक रोडमैप की तैयारी माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हुई इस मैराथन बैठक में कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा, राजनीतिक नियुक्तियां और राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष और केंद्रीय नेतृत्व के अन्य नेताओं से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले संगठन और सरकार दोनों में “राजनीतिक रीसेट” की तैयारी शुरू हो चुकी है।

सबसे ज्यादा चर्चा कैबिनेट विस्तार को लेकर है। फिलहाल राजस्थान मंत्रिमंडल में 24 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक रूप से 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में छह पद खाली हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी नए चेहरों को मौका देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है।

दिल्ली बैठक में कई मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट और फीडबैक पर भी चर्चा हुई। संगठन स्तर पर मिले इनपुट्स के आधार पर सरकार के कामकाज और जनसंपर्क को लेकर समीक्षा की गई। पार्टी नेतृत्व उन चेहरों को आगे बढ़ाना चाहता है, जो जमीन पर सक्रिय और संगठन के लिए उपयोगी माने जा रहे हैं।

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सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से लंबित बोर्ड, निगम, आयोग और अकादमियों में राजनीतिक नियुक्तियों पर भी सहमति बनने के संकेत मिले हैं। पार्टी इन नियुक्तियों के जरिए जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक समीकरण साधने की कोशिश में है। नगरीय निकायों और संगठन में भी कुछ अहम बदलाव जल्द देखने को मिल सकते हैं।

दिल्ली में हुई चर्चा का एक अहम हिस्सा राज्यसभा चुनाव भी रहा। राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटें जून में खाली हो रही हैं और मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है। पार्टी के भीतर संगठन से जुड़े नेताओं, रणनीतिक चेहरों और सामाजिक प्रतिनिधित्व वाले उम्मीदवारों के नामों पर मंथन हुआ है। महिला उम्मीदवार को मौका देने की संभावना पर भी चर्चा बताई जा रही है।

भाजपा नेतृत्व अब राजस्थान में “नई टीम-नई रणनीति” के फॉर्मूले पर आगे बढ़ता दिख रहा है। पार्टी युवा चेहरों को आगे लाकर 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों में नई ऊर्जा भरने की तैयारी में है, जबकि अनुभवी नेताओं को भी रणनीतिक भूमिकाओं में बनाए रखने की योजना पर काम हो रहा है।

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