भरतपुर जिले में नेशनल हाइवे नंबर 11 पर पंछी का नंगला कस्बे में मंगलवार को देहव्यापार से जुड़े एक रेड लाइट एरिया में पुलिस को दबिश देना भारी पड़ता नजर आ रहा है। मामले में हाईकोर्ट ने बच्चियों से मौत के मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है और इस संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश केएस झवेरी की खंडपीठ ने गुरुवार को प्रसंज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया। अब इस मामले में सुनवाई 24 मार्च को होगी। गौरतलब है कि हाइवे पर पंछी का नंगला में एक पुलिया के समीप बस्ती में देहव्यापार का अड्डा चलने की सूचना पर एएसपी भरत कुमार मीणा के नेतृत्व में करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस ने मंगलवार को रेड लाइट एरिया में दबिश दी थी। हथियारबंद पुलिस को देखकर बस्ती में अफरा—तफरी मच गई।
पुलिस से बचने के लिए तीन नाबालिग लड़कियों सत्तो, रचना व पायल ने नजदीक ही गोवर्धन के तालाब में छलांग लगा दी। जिसमें सत्तो और रचना की तालाब में डूबने से मौत हो गई। जबकि पायल को पुलिस अधिकारी धर्मेंद्र ने छलांग लगाकर बचा लिया।
घटना का पता चलने पर एसडीआरएफ के गोताखोरों की टीम भरतपुर पहुंची। जिन्होंने दोनों बालिकाओं के शवों को बाहर निकाला। इस दौरान आईजी भरतपुर आलोक वशिष्ठ व एसपी भरतपुर कैलाशचंद्र विश्नोई मौके पर पहुंचे। घटना के बाद से ही पुलिसिया कार्रवाई की कार्यशैली पर खड़े हो गए थे।