जिले की झांपदा थाना पुलिस ने रात के अंधेरे में मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाले शातिर अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल सफेद कार जब्त की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 15 से ज्यादा मोबाइल टावरों से करोड़ों रुपये के उपकरण चोरी कर चुके हैं।
रात 1:51 बजे टावर पर बजा अलार्म, ग्रामीणों ने देखे चार लोग
11 अगस्त की रात 1:51 बजे झांपदा गांव के मोबाइल टावर से कंपनी के सिस्टम पर उपकरण से छेड़छाड़ का अलार्म बजा। मौके पर पहुंचे ग्रामीण ने देखा कि चार लोग टावर पर चढ़े हुए थे और नीचे सफेद कार खड़ी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
चोरी की खबर से मौके पर जमा हुई भीड़
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और चोरी की घटना को लेकर नाराजगी जताई। सुबह जांच करने पर पता चला कि मोबाइल टावर से करीब 2.50 लाख रुपये कीमत का RRU उपकरण गायब था। इसके बाद मामला दर्ज किया गया। एसपी के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
24 घंटे में गैंग के तीन सदस्य पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे में गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक (28), निवासी नरड़, पिलानी, झुंझुनूं, अब्दुल कादिर (38), निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश और आजाद सैफी (30), निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
सफेद कार से पहुंचते, टावर से उपकरण चुराते थे
आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद कार भी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग रात के समय सुनसान इलाकों में लगे मोबाइल टावरों को निशाना बनाता था। टावर से उपकरण निकालने के बाद चोरी के सामान को कबाड़ में बेच दिया जाता था।
राजस्थान से यूपी तक फैला है चोरी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी कर चुके हैं। अब तक 15 से ज्यादा टावरों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
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गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान और चोरी किए गए अन्य उपकरणों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी के उपकरण किन लोगों को बेचे जाते थे।