दौसा जिले के लालसोट कस्बे में रविवार को एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंच से इस्तीफे के संकेत देते हुए राजनीति से 'वैराग्य' की बात की। उन्होंने कहा, "लालसोट क्षेत्र को एक अच्छा विधायक रामबिलास मीणा मिला है। मैं पपलाज माता से प्रार्थना कर रहा हूं कि मेरे गले में जो घंटी (मंत्री पद) लटकी है, वह रामबिलास मीणा के गले में लटक जाए।"
डॉ. किरोड़ी ने ममता कुलकर्णी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी वैराग्य हो गया और वह महाकुंभ में जाकर महामंडलेश्वर बन गईं। उन्होंने कहा, "मैं भी महाकुंभ में जा रहा हूं। अगर मुझे भी वैराग्य हो जाए तो रामबिलास मीणा के लिए रास्ता खुल जाएगा।"
राजनीति में भ्रष्टाचार और गिरावट पर प्रहार
किरोड़ी लाल मीणा ने राजनीति की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल राजनीति भटक गई है। उन्होंने कहा, "अब राजनीति में नेता नहीं, व्यापारी आ रहे हैं। जो चुनाव में पांच करोड़ खर्च करेगा, वह 50 करोड़ कमाने की सोचता है। राजनीति में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जो देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है।"
चार सदनों में जाने का सौभाग्य मिला
डॉ. किरोड़ी ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, "मुझे चार सदनों में जाने का सौभाग्य मिला है। मैं जिला प्रमुख, विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सदस्य रहा हूं। ये सौभाग्य मेरे अलावा किसी और नेता को नहीं मिला।"
राहुल गांधी पर साधा निशाना
कृषि मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "एक नेता को अडानी-अंबानी का नाम लेने की बीमारी लग गई है। अडानी और अंबानी ने व्यापार के क्षेत्र में देश का नाम ऊंचा किया है। उन्हें गाली देकर देश की आर्थिक स्थिति को खराब करने की कोशिश की जा रही है।"
कार्यक्रम में ठहाके और संकेत
लालसोट की पुरानी अनाज मंडी में व्यापार महासंघ के कार्यक्रम में दिए गए इन बयानों को मंत्री के इस्तीफे के संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है। जब उन्होंने यह बातें कहीं, तो मंच पर मौजूद विधायक रामबिलास मीणा और जनता ठहाके लगाते नजर आए। डॉ. किरोड़ी के इन बयानों ने राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। खासकर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच।