दौसा जिले में लगातार हो रहे अवैध खनन को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना वनविभाग के कर्मचारियों को भरी पड़ गया। दौसा उप वनसंरक्षक अजीत अजीत ऊंचोई ने गुरुवार को बालाजी नाके के फॉरेस्टर दिनेश मीना और वनपाल महेंद्र बैरवा को निलंबित कर दिया है। वहीं, निलंबन के दौरान दोनों का मुख्यालय डिविजन कार्यालय के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मामला सिकराय में लगातार अवैध खनन की शिकायतों का है। ये शिकायतें लगातार दौसा उप वनसंरक्षक को मिल रही थीं। इसके चलते वनकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उप वनसंरक्षक अजीत अजीत ऊंचोई ने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। साथ ही अवैध खनन में लिप्त पाए गए विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अजीत ऊंचोई ने यह भी कहा इस अवैध खनन में इन लोगों की कितनी भूमिका है। इस बात की जांच की जा रही है।
उधर, राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आते ही अपने तेवर स्पष्ट कर दिए थे कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके बावजूद जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव और एसपी रंजिता शर्मा ने जिले में जॉइनिंग के दौरान जिले में हो रहे अवैध खनन को लेकर चिंता जाहिर की थी। ऐसे में जिला कलेक्टर और एसपी ने जिले के अधिकारियों की बैठक कर अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए थे।
हैरानी की बात ये है कि उच्चाधिकारियों के बार-बार जारी आदेशों की लगातार अवहेलन हुई। दौसा जिले के सिकराय उपखंड में वन अधिकारी अवैध खनन पर लगाम लगाने में नाकाम साबित होने के साथ संलिप्त होने की बात भी समाने आई है।