खरीफ सीजन में जिले के किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज एवं दवाई की व्यवस्था को लेकर कृषि विभाग द्वारा 15 मई से 10 जुलाई तक सघन गुणवत्ता नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में विभाग ने किसानों को समझाइश दी है कि केवल पंजीकृत विक्रेताओं से ही बीज खरीदें। साथ ही गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं दवाई काम में लें तथा खरीदे गए बीज और दवाइयों का बिल अवश्य लें। यदि कहीं से नकली बीज या दवाइयों का मामला सामने आए तो उसकी शिकायत तुरंत करने की सलाह भी कृषि विभाग ने किसानों को दी है। किसी शिकायत के चलते विभाग ने आज दौसा जिले में छापेमारी भी की।
दौसा अधिकारी एवं निरीक्षक (बीज, उर्वरक, कीटनाशी) अशोक कुमार मीणा ने बताया कि कृषि विभाग के निरीक्षकों द्वारा जिले में खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय परिसरों व गोदाम का सघन निरीक्षण कर उर्वरक, बीज, कीटनाशी के सैंपल लिए जा रहे हैं और लिए गए नमूनों को गुणवत्ता की जांच हेतु विभिन्न राजकीय बीज, उर्वरक, कीटनाशी परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।
बीज, उर्वरक, कीटनाशी नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित कृषि अदान निर्माता कंपनी, विपणन कंपनी, थोक विक्रेता, रिटेलर विक्रेता के खिलाफ बीज नियंत्रण आदेश 1983, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, कीटनाशी अधिनियम 1968 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत नियम अनुसार आवश्यक वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सभी किसानों को सलाह दी गइ है कि आगामी खरीफ सीजन के लिए बीज, उर्वरक व दवाई केवल विभाग द्वारा पंजीकृत विक्रेताओं (लाइसेंसधारी) से ही खरीदें, साथ में पंजीकृत फर्म से पक्का बिल अवश्य लें। अनधिकृत विक्रेताओं व ग्रामीण क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से विक्रय करने वाले लोगों से उर्वरक, बीज, दवाई नहीं खरीदें।
उन्होंने कहा है कि किसी भी गांव, ढाणी या बाजार में नकली बीज, दवाई व खाद का विक्रय किसी भी विक्रेता द्वारा किया जाता है तो किसान इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दें ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।