सरकारी आदेशों को दिखा रहे ठेंगा
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दौसा शहर में पट्टे बनवाने वाले मामले में तो हालात ऐसे हैं कि पहले तो पट्टा बनवाने में जेब गर्म होती है, उसके बाद दूसरी पार्टी से मिलकर पट्टा निरस्त करने की कार्रवाई में जुट जाते हैं। ताजा मामला निर्माण कार्यों से जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रदेश में नई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद नए टेंडर जारी करने और जो हो चुके उनके भी कार्य करने पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई थी।
लेकिन भ्रष्टाचार की हद देखो अधिकारी अपने कमिशन के चलते आंखें बूंद बैठे हैं या यूं कहें कि अंदर खाते ठेकेदारों के सहयोग में खड़े रहकर बैक डेट में कार्य समापन करवाने की बातें भी सामने आ रही हैं। इन दिनों दौसा शहर में कई स्थानों पर रोड निर्माण जैसे अन्य कार्य चल रहे हैं, जो आनन-फानन में सरकारी आदेश जारी होने के बाद चालू कर पूरा करने में लगे हुए हैं। शहर के लोगों कहना है कि नई सरकार के बनने के बाद कर्मचारी और अधिकारी भी अपने आगामी कार्य स्थल को लेकर भ्रमित नजर आ रहे हैं और इसी के फेर में वर्तमान कार्य स्थल से जो भी और जैसे भी हो, उसमें लगे हुए जल्दी से जल्दी पहले से चालू पड़े कामों को जैसे-तैसे पूरा करवाने में जुड़ गए हैं।
लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि जब खरबुजा कटेगा तो सब में बंटेगा, वाली कहावत के चलते अपने-अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति में जुट गए हैं, जिसके चलते सरकारी आदेश यहां हवा-हवाई करके खुलेआम उनको ठेंगा दिखाया जा रहा है। निर्माण कार्यों का तो घटिया होना भी सरकारी राशि के दुरुपयोग का बड़ा रास्ता बना हुआ है। उसके तहत कार्यादेशों के अनुरूप कार्य होना तो दूर की बात है। बल्कि चौथाई कार्य भी धरातल पर नहीं हो पाते हैं। लेकिन मिली भगत का खेल ऐसा है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी कागजों में पूरी तरह एक नंबर का काम दिखाकर पूरा भुगतान उठा लेते हैं और फिर मिल बांटकर खाओ बैकुंठ को जाओ वाली कहावत को चारितार्थ करते हैं।
नगर परिषद क्षेत्र के नए मंडी रोड स्थित वार्ड नंबर नौ में अग्रसेन पब्लिक स्कूल के पास चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहराई से जांच हो तो एकदम क्लियर हो जाएगा कि सरकार की राशि का किस तरह से दुरुपयोग करते हुए अपनी जेब भरने का काम बहुत सधे हुए तरीके से हो रहा है। अभी बीते सप्ताह नगर परिषद के पार्षद सनी खान ने नगर परिषद द्वारा शहर में की जा रही सफाई की पोल खोलते हुए एक निजी प्लांट पर नगर परिषद के लोडर सहित कर्मचारियों को काम करते रंगे हाथों पकड़ा था। लेकिन आज तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि शहर में जगह-जगह कचरा और गंदगी के ढेर जमा हैं। वह भी जब दौसा जिले में कोरोना के दो मामले पॉजिटिव आ चुके हैं। ऐसे नगर परिषद के इन भ्रष्टाचारों की बात जितनी की जाए उतनी थोड़ी नजर आती है।