करौली के हिंडौन इलाके में दलित युवती का कथित रूप से अपहरण करने कर गैंगरेप किया गया। इसके बाद एसिड अटैक, गोली मारकर हत्या की गई और फिर लाश को कुएं में फेंक दिया गया। इस घटना की भर्त्सना करते हुए बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गृहमंत्री के नाते इस्तीफा मांगा है।
बीजेपी के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह करौली में दलित युवती से रेप और मर्डर मामले में चल रहे धरने में शामिल होने के लिए करौली के हिंडौन के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली से करौली जाते वक्त दौसा के भांडारेज हाईवे पर अरुण सिंह ने मीडिया से बात की।
इस दौरान उन्होंने कहा- हिंडौन के नादौती में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ हुई अपहरण दुष्कर्म, एसिड अटैक और हत्या कर कएं में शव फेंकने की घटना बेहद निंदनीय है। ये घटना प्रदेश के कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करती है। हिंडौन सिटी पहुंचकर अरुण सिंह पीड़ित परिवार के साथ धरने में हम शामिल होंगे। बतादें कि भाजपा सांसद किरोडीलाल मीणा भी वहां धरने पर बैठे हुए हैं।
गहलोत सरकार के मंत्री बेशर्म, सरकार में भी नहीं बची नैतिकता
अरुण सिंह ने कहा- कांग्रेस सरकार के मंत्री बेशर्म हैं और गहलोत सरकार में भी नैतिकता नहीं बची है। आए दिन प्रदेश में जिस प्रकार से बलात्कार और मर्डर की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहले बीकानेर के खाजूवाला, उदयपुर और भीलवाड़ा में ऐसी घटनाएं सामने आईं।
अरुण सिंह ने कहा- प्रत्येक जिले में इस प्रकार की जघन्य हत्याएं हो रही हैं। महिलाओं के साथ दुराचार हो रहा है और करौली की घटना में तो हद पार हो गई। अपहरण कर बलात्कार करना, एसिड छिड़कना, गोली मारना और फिर बॉडी को कुएं में फेंक देना। एक दलित युवती के साथ हुए इस घृणित अपराध के बाद भी सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है।
अशोक गहलोत गृहमंत्री होने के नाते इस्तीफा दें
बीजेपी प्रभारी ने कहा-अगर सीएम गहलोत में थोड़ी बहुत भी नैतिकता बची है, तो अशोक गहलोत गृहमंत्री के नाते अपना इस्तीफा दे दें। लेकिन, वह तो अपनी वाहवाही में लगे हुए हैं। ऐसी नाकारा और निकम्मा सरकार हमने कहीं नहीं देखी। जैसी राजस्थान में गहलोत सरकार है।