फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्रवाई: मोबाइल में एनीडेस्क एप डाउनलोड करवा कर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, दो साल से तलाश कर रही थी साइबर पुलिस

Thu, 30 Dec 2021 02:58 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

गूगल पे का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर ऑनलाइन ठगी करने वाले शातिर बदमाश को जयपुर की साइबर पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। युवक अभी तक कई लोगों के खाते से लाखों रुपये का चूना लगा रखा है। 
विज्ञापन
साइबर ठग गिरफ्तार - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गूगल पे का कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव बनकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर चोर को जयपुर पुलिस ने झारखंड से धर दबोचा है। पुलिस गिरफ्त में आया युवक लोगों को झांसा देकर एनीडेस्क एप उनके मोबाइल फोन में डाउनलोड करवाता था और लोगों के खातों से लाखों रुपए साफ कर देता था। साइबर पुलिस दो साल से ठग को तलाश कर रही थी। आखिरकार बुधवार को पकड़ ही लिया। 

विज्ञापन


अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजयपाल लाम्बा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आरिफ रज्जा (22) झारखंड के देवघर जिले में सारठ कस्बे में कप्सा गांव का रहने वाला है। इस संबंध में शैतान सिंह गुर्जर ने 7 अगस्त 2019 को साइबर थाने में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि गूगल पे पर किसी जानकारी के लिए संपर्क किया था। तब कस्टमर केयर के एक प्रतिनिधि से मोबाइल नंबर पर बात हुई। उसने मोबाइल फोन पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करने की सलाह दी। इसके बाद पीड़ित ने एक लिंक को खोला। इसके बाद उनके बैंक खाते से 1 लाख रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो गया।

आरोपी युवक ऐसे करता था लोगों को गुमराह
शातिर ठग से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शातीर ठग गूगल वेबसाइट पर गूगल पे कस्टमर केयर के नाम से अपने मोबाइल नंबर डाल रखा है। जब गूगल पे उपयोग करने वाले लोग किसी भी तरह जानकारी के लिए कस्टमर केयर पर बातचीत करते थे। तब आरिफ से संपर्क होता था। उसे ही गूगल पे का अधिकृत कस्टमर केयर प्रतिनिधि समझकर लोग उससे बात करते। आरिफ लोगों से मोबाइल में एनीडेस्क एप डाउनलोड करवाता और इसके बाद लोगों के खाते से एक रुपये ट्रांजेक्शन करवाकर विश्वास में लेता था और बाद खातों से जमा पूंजी को अपने खाते में ट्रांजेक्शन कर लेता है। फिर एटीएम व पीओएस मशीन से पैसे निकाल लेता था।
विज्ञापन


आरोपी दो साल से घटना को दे रहा था अंजाम
फिलहाल साइबर पुलिस आरोपी से और भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि दो साल में आरोपी ने कई लाख रुपये साफ कर दिए हैं। पुलिस को ये भी शक है कि इस गोरखधंधे में आरिफ के अलावा अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस आरोपी से इसकी तहकीकात कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें