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पाकिस्तान रिचार्ज करवाता है भारत में जासूसों के मोबाइल

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पाकिस्तान से सटी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा - फोटो : demo pic
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राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पकड़े गए पाक जासूस सतनाम माहेश्वरी से कई अहम खुलासे हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सतनाम वर्ष 1973 में भारत में एलटी वीजा पर आया था। इसके बाद वर्ष 2009 में सतनाम ने भारत की नागरिकता प्राप्त की। तब से वह बार बार अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाता रहता था। दोनों जासूसों ने अपनी भारतीय मोबाईल की सिम पाक हेण्डलर्स को दे दी थी एवं इस सिम को समय समय पर पाकिस्तान भी रिचार्ज करवाता था। इनको जासूसी की एवज में पैसे का भुगतान भी लम्बे समय से किया जा रहा था।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि सतनाम माहेश्वरी ने वर्ष 2015 में अपने रिश्तेदार विनोद को भी भारत बुलवा लिया और उसे पाक इंटेलिजेंस एजेन्सी से जोड़ा। इसके बाद ये दोनों पाक इंटेलिजेंस को बाड़मेर, जोधपुर व पोकरण के मिलिस्ट्री डिपलायमेन्ट की सूचनाऐं दे रहे थे। सतराम ने पाक आईएसआई के निशानदेही पर अन्य लोगों को भी उनके लिए कार्य करने हेतु तैयार किया एवं इनको साथ लेकर पाक जाने की फिराक में था। लेकिन इसके पहले ही सतनाम पकड़ा गया। इंटेलिजेंस टीम उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में अनुसंधान जारी है।
 
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पाक आॅफिसर्स के संपर्क में रहते थे दोनों जासूस

पाकिस्तान से सटी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा - फोटो : demo pic
राजस्थान पुलिस की इन्टेलिजेन्स सिक्युरिटी विंग ने ​राजस्थान राज्य की करीब 1070 किलोमीटर लम्बी पाकिस्तान से सटी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में होने वाली राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की रोकथाम के चलते इन्टेलिजेन्स सिक्युरिटी विंग ने पाकिस्तान के ​लिए जासूसी करने वाले चोहटन निवासी सतनाम माहेश्वरी और जोधपुर निवासी उसके रिश्तेदार विनोद माहेश्वरी को कल गिरफ्तार किया था।

राज्य की इंटेलीजेंस सर्विस को नवम्बर 2016 में काफी सूचनाएं देने का मामला आया है। ये बाड़मेर जिले की अन्तर्राष्ट्रीय बोर्डर सीमा पर पाक ऑफिसर्स के सम्पर्क में रहते थे एवं सामरिक महत्व की सूचनाएं लेकर पाक हेण्डलर को देते थे। पिछले कई महीनों से बाड़मेर व जोधपुर जिलों में इंटेलिजेंस टीम इस कार्यवाही में लगी हुई थी। दोनों जासूसों के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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