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Rajasthan News: राजस्थान के गोबर की विदेशों में डिमांड, 192 मीट्रिक टन गोबर कुवैत जाएगा, खजूर उत्पादन बढ़ाएंगे

Sun, 12 Jun 2022 01:39 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर की पिंजरापोल गोशाला में गाय के गोबर की डिमांड विदेशों से भी आ रही है। कुवैत को 192 मीट्रिक टन गाय का गोबर भेजने की डील हुई है। इससे खजूर के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। 
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गोबर की विदेशों में डिमांड - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास स्थित पिंजरापोल गोशाला के गोबर की डिमांड देश-विदेश में बढ़ रही है। गोबर से बने उत्पादों की डिमांड तो पहले से ही थी। अब कुवैत के वैज्ञानिकों ने खजूर के उत्पादन में गाय के गोबर को महत्व देखते हुए पिंजरापोल गोशाला को बड़ा ऑर्डर दिया है। 192 मीट्रिक टन गोबर कुवैत भेजा जाएगा। 

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुवैत के कृषि वैज्ञानिकों ने रिसर्च में दावा किया है कि देसी गाय के गोबर की क्वालिटी अच्छी होती है। इसको देखते हुए ही भारत को पहली बार देसी गाय के गोबर का ऑर्डर मिला है। 15 जून को जयपुर से 192 मीट्रिक टन देसी गाय का गोबर कुवैत भेजा जाएगा। कस्टम विभाग की निगरानी में टोंक रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला स्थित सनराइज ऑर्गेनिक पार्क में कंटेनर में गोबर की पैकिंग की जा रही है। इसकी पहली खेप के रूप में 15 जून को कनकपुरा स्टेशन से कंटेनर मुंबई फिर जहाज से जाएगा।


कृषि वैज्ञानिकों ने की है रिसर्च

कुवैत के कृषि वैज्ञानिकों के रिसर्च में पता चला है कि देशी गाय के गोबर का पाउडर के रूप में खजूर की फसल में इस्तेमाल करने से फल के आकार और उत्पादन में बढ़ोतरी देखी गई है। इसी के बाद कुवैत की कंपनी लैमोर ने गाय का गोबर मंगा रही है।

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विदेशों में हो रहा गोबर का सही इस्तेमाल
श्रीपिंजरापोल गोशाला के अधिकारियों का कहना है कि भारत में मवेशियों की संख्या तीस करोड़ से अधिक है। रोज 30 लाख टन गोबर मिलता है। तीस फीसदी को उपला बनाकर जला दिया जाता है। ब्रिटेन में गोबर गैस से हर साल सोलह लाख यूनिट बिजली बनती है। चीन में डेढ़ करोड़ परिवारों को घरेलू ऊर्जा के लिए गोबर गैस दी जाती है। हमारे देश में ऐसा नहीं हो पा रहा है।

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