सोनिया सोनी के वकील लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा ने बताया कि राज्य सरकार ने चार मई 2022 को भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 24 अगस्त 2022 को सोनिया सोनी की याचिका को मंजूर कर ली। इस आदेश को राज्य सरकार ने खंडपीठ में चुनौती दी। खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील पर सरकार ने स्थगन दे दिया, जिसे 6 जनवरी 2023 को स्थगन आदेश को हटा दिया। इस आदेश के विरुद्ध राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की। इस एसएलपी पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कोल व जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ में सुनवाई हुई। जिसे सुनवाई के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया।
वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने सोनिया सोनी को दोबारा सात अक्टूबर 2022 को निलंबित करने के आदेश के विरुद्ध दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह की एकलपीठ ने सात अक्टूबर 2022 के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। वकीलों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते मंगलवार को पक्षकार सोनिया सोनी व उनके पति मनीष सोनी ने अपना पक्ष रखा, अदालत ने करीब आधे घंटे तक मामले की सुनवाई के बाद 7 अक्टूबर 2022 के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि सोनिया सोनी 7 फरवरी 2021 को भाजपा से पालिका अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थी जिसके बाद राज्य सरकार के स्वायत शासन विभाग द्वारा दो बार निलंबित किया जा चुका है।