परंपरा के आड़े आए रेलवे के नियम से आहत एक व्यक्ति ने अपनी पीड़ा सीधे रेल मंत्री से की। व्यक्ति ने ट्वीट के माध्यम से रेलमंत्री को टीटीई की शिकायत की। मामला ट्रेन में रिजर्वेशन के बाद भी सीट किसी और को अलॉट करने से जुड़ा है।
मामले के अनुसार जोधपुर निवासी एक व्यक्ति ने संस्कारों और परंपरा का हवाला देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग किया। मारवाड़ में एक परिवार में 68 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्य परंपरा के अनुसार उनकी अस्थियां लेकर हरिद्वार के लिए निकले। परिवार के सदस्य सोमवार को ट्रेन संख्या 14888 बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस में जोधपुर से हरिद्वार के लिए रवाना हुए। परिवार के लोगों ने कुल चार सीट बुक करवाईं, जिसमें से एक अस्थि कलश के लिए थी। हरीश ने बताया सफर के दौरान इस सीट पर दूसरा यात्री आ गया। उसको बताया कि यह सीट हमारे पास पहले से ही बुक है। इस पर यात्री ने कहा कि उसे यह सीट टीटीई ने आवंटित कर दी है। हरीश का आरोप है कि बिना पूछे टीटीई ने हरिद्वार ले जाई जा रही अस्थियों की सीट भी बेच दी।
रेलमंत्री से समाधान की मांग
हरीश ने ट्वीट के माध्यम से रेलमंत्री से कहा कि जब हमने रेलवे को सीट का किराया दे दिया है और हम अपने बुजुर्ग की अस्थियां धार्मिक मान्यता के तौर पर ले जा रहे हैं तो सीट दूसरे को बेचने की क्या जरूरत थी? हरीश ने रेल मंत्री से मांग की है कि रेलवे को ऐसी स्थिति में सीट अलॉट करनी चाहिए।
काफी पुरानी है परंपरा
मारवाड़ में आस्था की ये परंपरा काफी पुरानी है। मारवाड़ में लोग अस्थियां विसर्जन के लिए जाते समय ट्रेन और सरकारी रोडवेज बस में सफर करते हैं। ट्रेन और बस में एक सीट मृतक के लिए रखते हैं। उसका बाकायदा टिकट भी खरीदा जाता है। रास्ते में हर बात का ध्यान रखा जाता है।