लक्ष्मणगढ़ के उपखंड अधिकारी कलराज मीणा ने बताया, 21 में से सिर्फ तीन या चार लोगों की मौत ही कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई है। ज्यादातर मौतें अधिक आयु वाले समूह में हुई हैं। इसके बावजूद हमने जिन परिवारों में मौतें हुई हैं, उनके परिवारों में से 147 लोगों के नमूने लिए हैं ताकि कोरोना वायरस के सामुदायिक स्तर पर सक्रंमण की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अमले ने गांव को संक्रमण मुक्त बनाने का काम किया है। लोगों को बीमारी तथा हालात की गंभीरता के बारे में बताया गया है और अब वे सहयोग कर रहे हैं।
सीकर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि इस बारे में स्थानीय टीम से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह कुछ टिप्प्णी कर पाएंगे।
मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी, बाद में दी सफाई
पीसीसी चीफ और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, जो स्थानीय विधायक हैं, उन्होंने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर इस मामले में पोस्ट लिखा था, लेकिन बाद में कुछ लोगों की आपत्ति के बाद उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी। डोटासरा ने ट्वीट किया था कि एक शव को छूने के बाद पूरा गांव संकट में आ गया है। उन्होंने इस ट्वीट को लेकर शुक्रवार को सफाई देते हुए कहा, स्थानीय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जो मौत हुई, वो कोविड की वजह से नहीं हुई थी। फिर भी, गांवों में असामान्य मौत के पीछे का कारण क्या है, इसे जानने के लिए डॉक्टरों की टीम को भेजा गया है। गांव में संक्रमण के पैमाने को निर्धारित करने के लिए कुल 157 आरटी-पीसीआर नमूने एकत्र किए गए।