कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच देश के कई राज्यों ने अपने यहां लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। राजस्थान भी इन राज्यों में शामिल है। यहां 10 मई से लॉकडाउन की शुरुआत हो जाएगी। जानिए इस दौरान किन नियमों का पालन करना होगा, क्या प्रतिबंध रहेंगे और किन सेवाओं को प्रतिबंधों से राहत रहेगी।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लगातार बढ़ते मामलों का सामना कर रहे राजस्थान में राज्य सरकार ने 10 मई से 14 दिन का पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। यह लॉकडाउन 10 मई की सुबह पांच बजे से प्रभावी हो जाएगा और 24 मई की सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान लोग किस तरह व्यवहार करें और नियमों का उल्लंघन न करें, इसके लिए सरकार ने कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं सरकारी आदेश की कुछ अहम बातें जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है।
राज्य सरकार ने सलाह दी है कि कोरोना से बचने के लिए विवाह कार्यक्रमों का आयोजन 31 मई तक न किया जाए। ऐसे कार्यक्रम 31 मई के बाद ही किए जाएं।
प्रदेश सरकार के आदेश के अनुसार 31 मई तक राज्य में विवाह से संबंधित किसी भी तरह के आयोन, डीजे, बरात या भोज आदि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
घर में विवाह कर सकेंगे, कोर्ट मैरिज कर सकेंगे। इनमें अधिकतम 11 लोग शामिल हो सकेंगे। इसकी सूचना राजस्थान सरकार के कोविड पोर्टल पर भी देनी होगी।
सभी मैरिज हॉल, मैरिज गार्डन और होटल बंद रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि इस तरह के स्थलों पर विवाह समारोह आयोजित करने की अनुमति नहीं रहेगी।
किसी सामूहिक भोज के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। लॉकडाउन की अवधि के दौरान मनरेगा के सभी कार्य स्थगित रहेंगे और सभी धार्मिक स्थल भी बंद रहेंगे।
चिकित्सा सेवाओं के अलावा किसी भी निजी या सरकारी वाहन को आवागमन की अनुमति नहीं होगी, ऐसे में लॉकडाउन के दौरान सोचसमझ कर ही घर से निकलें।
लॉकडाउन में चिकित्सा व आपात सेवाओं के अलावा हर तरह के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू रहेगा। एक गांव से दूसरे गांव जाने पर भी मनाही रहेगी।
अन्य राज्यों से राजस्थान आने वाले लोगों को निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट (अधिकतम 72 घंटे पुरानी) दिखानी होगी। रिपोर्ट न होने पर 15 दिन क्वारंटीन होना होगा।