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Jaipur: वसुंधरा और किरोड़ीलाल की बातचीत से प्रदेश इकाई में बढ़ी चिंता, पुराने गठजोड़ ताजा होने के आसार

Mon, 13 Feb 2023 12:12 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

प्रधानमंत्री की रैली के बाद दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके चलते सियासी गलियारों में चर्चा का दौर शुरू हो गया है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और वसुंधरा राजे के बीच हुई लंबी मंत्रणा से राजस्थान के कई दिग्गज नेताओं की धड़कन बढ़ने लगी हैं।
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वसुंधरा राजे और किरोड़ीलाल - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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राजस्थान की राजनीति में पुराने गठजोड़ ताजा होने से विरोधी कैंप सतर्क होने लगे हैं। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद किरोड़ी लाल मीणा की गुफ़्तगू सियासी गलियारों में हलचल का सबब बन गई है। पूर्व में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और वसुंधरा राजे एक दूसरे के घोर विरोधी माने जाते थे, परंतु पिछले कुछ समय से दोनों के बीच जिस प्रकार से नजदीकियां बढ़ीं हैं वो सभी को चिंता में डाल रही है।

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रविवार को प्रधानमंत्री की सभा के बाद दोनों ही नेताओं में लंबी अवधि तक हुई गुफ़्तगू भाजपा के विरोधी गुट में कौतूहल का विषय बनी हुई है। प्रधानमंत्री की सभा के बाद दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई है, दरअसल जब राजस्थान पेपर लीक को लेकर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तब भी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर लिखा था कि डॉ. साहब अकेले नहीं हैं, हम उनके साथ हैं, जिसका परिणाम यह हुआ कि आनन-फानन में भाजपा के नेताओं का डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के धरना स्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसी के बाद डॉ. किरोड़ी लाल ने भी अपने बयान में भाजपा के प्रदेश इकाई अध्यक्ष सतीश पूनिया को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि पूनिया से निराश हैं और उनको भाजपा प्रदेश इकाई से कोई भी सहयोग नहीं मिला, जिसके बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।

प्रधानमंत्री की सभा के बाद हुई दोनों नेताओं की बैठक को सियासी जानकार किसी गठजोड़ से भी जोड़ कर देख रहे हैं, डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को पूर्वी राजस्थान का कद्दावर नेता माना जाता है और पूर्वी राजस्थान की 50 सीटों पर इनका भी प्रभाव देखा जाता है। हालांकि जो भीड़ और समर्थन भारत जोड़ो यात्रा के दौसा आने पर दिखा था वो प्रधानमंत्री की रैली में नहीं नजर आया जिसका प्रमुख कारण मीणा हाईकोर्ट से रैली को कैंसिल कर स्थान परिवर्तन बताया जा रहा है। जिसके चलते मीणा समर्थक नाराज बताए जा रहे हैं।
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सचिन पायलट के कारण गुर्जर नाराज
कांग्रेस में सचिन पायलट के कारण गुर्जर नाराज हैं और जिसका पूरा फायदा भाजपा लेने की जुगत में लगी हुई है, ऐसे में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का एक बार बढ़ता हुआ कद पूर्वी राजस्थान में भाजपा को बढ़त दिला सकता है। वहीं दूसरी ओर दोनों नेताओं वसुंधरा राजे और किरोड़ी लाल मीणा के बीच की बातचीत भाजपा के ही बड़े नेताओं की धड़कन बढ़ रही हैं। 2018  में भाजपा में ही घोर विरोध के बाद भी वसुंधरा राजे 72 सीट लाने में कामयाब हुई थीं, जिसमें पांच साल सरकार चलाने के बाद का विरोध और भाजपा का अंदरुनी विरोध भी शामिल था। इसलिए इस बार भी वसुंधरा राजे की टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

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