राजस्थान सरकार के फैसले के विरोध में सरकारी स्कूल शिक्षक उतरे हुए हैं। शिक्षकों की नाराजगी विद्यार्थियों के जन आधार कार्ड अपलोड करने की जिम्मेदारी को लेकर है। सरकार ने विद्यार्थियों के जन आधार कार्ड अपलोड करने का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा है और इसी बात का विरोध किया जा रहा है। शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने शिक्षकों पर दबाव डालने का विरोध जताया है।
संघ के प्रदेश सभाध्यक्ष अरविंद व्यास एवं प्रदेशाध्यक्ष नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा 13 फरवरी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ निशुल्क यूनिफॉर्म की होने वाली समीक्षा बैठक से पूर्व 85 प्रतिशत जनाधार प्रमाणीकरण एवं शत-प्रतिशत डीबीटी बिलों को पूर्ण करने का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर पीईईओ व शिक्षकों के विरुद्ध राज्य स्तर से सीसीए नियम में कार्रवाई के निर्देश भी विभाग स्तर से दिए गए हैं, जो उचित नहीं हैं।
संगठन के अतिरिक्त महामंत्री रवि आचार्य ने बताया कि आधार व जनाधार ऑथेंटिकेशन का कार्य शिक्षकों व स्कूलों का नहीं है। संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि राज्य के शिक्षकों द्वारा हर परिस्थिति में शासन व प्रशासन द्वारा दिए गए कार्यों को पूरा किया है। जिन परिवारों के जनाधार नहीं हैं, उन्हें बनवाने, जिनके जनाधार बन चुके हैं, उनमें बकाया रहे बच्चों के नाम जुड़वाने, जिनके नाम पूर्व से जुड़े हैं व बैंक खाता संख्या लिखने में त्रुटियां रह गई हैं, उन्हें सुधरवाने का काम शिक्षकों का नहीं है।