राजस्थान में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार वसुंधरा राजे के खिलाफ किताब छापने का मामला सामने आने से यहां की राजनीति गर्मा गई है।
हालांकि पुलिस ने प्रिंटिंग प्रेस से किताबें व अन्य सामग्री जब्त कर ली है और मामला भी दर्ज कर लिया है।
किताब में वर्ष 2003 से लेकर 2008 तक के मुख्यमंत्री के रूप में राजे के कार्यकाल की कथित विफलताओं को गिनाए जाने का प्रयास किया जा रहा था।
वहीं भ्रष्टाचार के व्यक्तिगत आरोप भी लगाए गए हैं। पिछले चुनाम में भी राजे के खिलाफ कुछ इसी तरह की पुस्तिकाएं छापी गई थीं।
सूत्रों के अनुसार मामले की रिपोर्ट भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष डीडी कुमावत ने दर्ज कराई।
किताब के बारे में सूचना मिलते ही जयपुर के आदर्श नगर थाना पुलिस ने एक बाइडिंग कारखाने से पुस्तिका की 10 हजार प्रतियां जब्त कीं।
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने सीकर से किताब छापने का ऑर्डर मिलने की बात कही है। पुलिस जांच के अनुसार करीब 30 हजार पुस्तिकाएं बाइंडिंग के लिए जीतू ने भिजवाई थी।
निर्वाचन विभाग से शिकायत
मामले को लेकर भाजपा ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है।
भाजपा चुनाव प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक योगेन्द्र सिंह तंवर ने बताया कि इस पुस्तिका में झूठे एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं। पुस्तिका पर प्रकाशक एवं मुद्रक का नाम भी अंकित नहीं है।
कांग्रेस पर लगाए आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव के दौरान में भी गुमनाम संस्थाओं के जरिए वसुंधरा राजे को बदनाम करने का प्रयास किया थ।
यह कृत्य आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।