राजस्थान में आए दिन सामने आ रहीं घटनाएं प्रदेश में पुलिस की साख खराब कर रहीं हैं। इस बार इसे अलवर के बानूसर थाना पुलिस ने खराब किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने थाने में 1.40 लाख की रिश्वत लेते एक हेड कांस्टेबेल को गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल दुष्कर्म के आरोपी से यह रिश्वत ले रहता था। इसके दौरान एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिया। मामला सामने आने के बाद आला अधिकारियों ने हेड कांस्टेबल और एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की है। थाना अधिकारी फरार बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामला अलवर के बानसूर पुलिस स्टेशन का है। हरसोली की रहने वाली मुकेश देवी ने एक अगस्त को एसीबी के एक शिकायत दी थी। जिसमें उसने बताया कि थाना पुलिस ने उसके पति सतीश कुमार को दुष्कर्म के आरोप में 17 दिन से थाने में बैठा रखा है। केस रफा-दफा कर उसे छोड़ने के लिए हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार चौधरी और एसएचओ रविंद्र सिंह कविया 1.50 लाख की रिश्वत मांग रहे हैं। एसीबी की टीम ने महिला की शिकायत का सत्यापन किया जो जांच में वह सही पाई गई। टीम की योजना के अनुसार मंगलवार रात को मुकेश देवी ने रिश्वत के 1. 40 लाख रुपये हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार को सौंपे। इसी दौरान एसीबी टीम ने उस रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल, 16 जुलाई को बानसूर थाने में एक महिला ने सतीश कुमार जाट के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने उसकी दिन आरोपी सतीश कुमार को पकड़ा और थाने ले लाई, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। 17 दिन तक पुलिस ने उसे थाने में ही बंद रखा। इधर, आरोपी की पत्नी पति को छुड़ाने के लिए थाने पहुंची तो उससे केस रफा-दफा करने के लिए हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार चौधरी और एसएचओ रविंद्र सिंह कविया 1.50 लाख रुपये की मांग कर दी। महिला ने अपने गहने बेचकर 1 लाख 40 हज़ार रुपए इकट्ठे किए थे।
मामला सामने आने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने थाना प्रभारी रविंद्र सिंह कविया और थाना प्रभारी के रीडर देवी सिंह को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि एसीबी की कार्रवाई के दौरान रविंद्र कविया और देवी सिंह दोनों ही थाने में नहीं थे। उनके फरार होने की संभावना जताई जा रही है।