जयपुर कांग्रेस पार्टी के सचिव रामसिंह कस्वा ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया, जिसे जनता का समर्थन मिला और कर्नाटक में कांग्रेस का कैंपेन भाजपा सरकार के 40% कमीशन के विरुद्ध बना। कैंपेन को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री तक काउंटर नहीं कर सके और बीजेपी इससे घबरा गई।
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस सचिव रामसिंह ने पायलट पर हमला किया है। सचिव ने कहा कि पायलट भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं। सचिव रामसिंह ने पायलट को भाजपा का टूल बताया है।
सचिन पायलट ने धरने का नाटक किया
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जयपुर कांग्रेस पार्टी के सचिव रामसिंह कस्वा ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस ने भाजपा के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया, जिसे जनता का समर्थन मिला और कर्नाटक में कांग्रेस का कैंपेन भाजपा सरकार के 40% कमीशन के विरुद्ध बना। कैंपेन को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री तक काउंटर नहीं कर सके और बीजेपी इससे घबरा गई। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने देश में सर्वाधिक कार्रवाई की हैं। करीब 1750 लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। जिला कलेक्टर, एसपी, RPSC सदस्य तक को भ्रष्टाचार करने पर बख्शा नहीं गया। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे सचिन पायलट ने भाजपा का साथ देने के लिए ये धरने का नाटक किया।
इसलिए नहीं बनाया स्टार प्रचारक
इसी पार्टी विरोधी छवि के कारण सचिन पायलट को कर्नाटक में स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया। जबकि इससे पूर्व हर जगह वो स्टार प्रचारक बनाए जाते थे। पार्टी नेतृत्व भी संभवत इनकी चाल समझ गया कि ये 40% कमीशन के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए किस प्रकार भाजपा का साथ दे रहे हैं। 10 मई को कर्नाटक में वोटिंग होनी थी एवं भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जनता कांग्रेस के साथ थी। वोटिंग से एक दिन पहले पायलट ने प्री-प्लांड तरीके से प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए, जबकि सचिन पायलट जानते थे कि 10 मई को प्रधानमंत्री राजस्थान के दौरे पर आ रहे हैं और कर्नाटक में वोटिंग के समय भाजपा को इस कथित जनसंघर्ष यात्रा का लाभ मिलेगा। प्रेस वार्ता और यात्रा की घोषणा भाजपा का षड़यंत्र है, जिसमें पायलट शामिल हैं।
वसुंधरा से डरते हैं सचिन
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जिन मुद्दों की बात सचिन पायलट कर रहे हैं वो सबसे पहले मैंने उठाए थे और अदालत तक मैं इन मुद्दों पर वसुंधरा राजे और उनकी सरकार से लड़ा। सचिन पायलट ने मेरी कोई मदद नहीं की। 11 जून 2016 को राजेश पायलट की पुण्यतिथि के दिन मैं पायलट के जालूपुरा स्थित आवास पर गया। मैंने उनसे इन मुकदमों में मदद का आग्रह किया तब सचिन पायलट ने कहा कि मैं थोड़ा भी वसुंधरा के खिलाफ बोलता हूं तो मेरे ऊपर बड़ा दबाव आता है। क्योंकि मेरे उनसे मधुर पारिवारिक संबंध हैं। इसलिए मैं वसुंधरा जी के खिलाफ नहीं बोल सकता। मैंने कहा कि आप इतने बड़े राजनेता के पुत्र होकर भी बोलने से डर रहे हैं, मैं तो उनके खिलाफ लड़ रहा हूं। तब भी उन्होंने किसी भी मदद से इनकार कर दिया। करीब 30-35 मिनट की इस मुलाकात में मैंने कई बार आग्रह किया परन्तु उन्होंने कोई मदद नहीं की।