अध्यक्ष बनते ही खेला कर सकते हैं गहलोत
अशोक गहलोत के मौजूदा रुख को देखते हुए कहा जा रहा है कि राजस्थान कैबिनेट में भी फेरबदल हो सकता है। गहलोत पार्टी अध्यक्ष बने तो उन्हें सीएम पद छोड़ना होगा। राहुल गुरुवार को साफ कर चुके हैं कि एक व्यक्ति एक पद का नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। ऐसे में चर्चाएं ऐसी हैं कि सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यानी अगला चुनाव पायलट के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। वहीं, गहलोत कोशिश में होंगे कि उनके विश्वस्त और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया जाए।
पायलट हुए राजस्थान में सक्रिय
गांधी परिवार का साथ मिलने से गहलोत का पार्टी अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है। ऐसे में राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट अपनी स्थिति मजबूत करने में जुट गए हैं। पिछले तीन दिन में उन्होंने केरल में भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया। दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। फिर जयपुर लौटे तो सीधे सीपी जोशी से मिलने गए। उनके समर्थक विधायकों ने भी चुप्पी साध रखी है। वे किसी तरह का कोई विवाद नहीं चाहते हैं, जिससे उनके नेता की संभावनाओं को झटका लगे। हाल ही में गुर्जर समाज के कार्यक्रम में नारेबाजी को लेकर गहलोत समर्थक मंत्री और पायलट समर्थक आमने-सामने आ चुके हैं।
शशि थरूर की स्थिति कमजोर
शशि थरूर समेत 23 नेताओं ने अगस्त 2020 में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को प्तर लिखा था, जब वह अस्पताल में भर्ती थी। जी-23 के नाम से पहचान रखने वाले इस पत्र में कांग्रेस नेताओं ने पार्टी में सुधारों की मांग की थी। 19 सितंबर को शशि थरूर ने सोनिया गांधी से उनके निवास पर मुलाकात की थी। उनहोंने पार्टी के अंदरुनी लोकतंत्र को मजबूती देने के लिए अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। सोनिया ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी है। तिरुअनंतपुरम के कांग्रेस सांसद ने पार्टी के मुख्य चुनाव प्राधिकारी मधुसूदन मिस्त्री से बुधवार को मुलाकात की थी।
गहलोत 28 को दाखिल करेंगे नामांकन
चुनाव प्रक्रिया 24 सितंबर को शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी। गहलोत 28 सितंबर को नामांकन दाखिल कर सकते हैं। चुनाव 17 अक्टूबर को होंगे और 19 नवंबर को मतगणना होगी।