विधायक भरत सिंह ने कहा, अवैध खनन के मामले में आपका मौन रहना गांधीवादी विचारधारा के खिलाफ है। आग्रह है कि उदयपुर चिंतन शिविर में भ्रष्टाचार पर भी बात करें।
नव संकल्प चिंतन शिविर को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने ही विधायकों के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने हाल ही में सीएम गहलोत को पत्र लिखकर पूछा कि क्या भ्रष्टाचार पर भी चिंतन शिविर में चर्चा होगी? उनका यह पत्र राजनीति गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दरअसल, कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने उदयपुर में होने वाले चिंतन शिविर में भ्रष्टाचार पर भी चिंतन करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने मंत्री प्रमोद जैन भाया का बिना नाम लिए भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए। साथ ही पदमुक्त करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा, अवैध खनन के मामले में आपका मौन रहना गांधीवादी विचारधारा के खिलाफ है। आग्रह है कि उदयपुर चिंतन शिविर में भ्रष्टाचार पर भी बात करें।
उन्होंने पत्र में लिखा- अगर सच बोलना पार्टी के प्रति अनुशासनहीनता है, तो मुझे पार्टी दंडित कर सकती है। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी अजय माकन को एक साल पहले भी पत्र लिख चुका हूं। 15 मई से अवैध खनन के खिलाफ प्रदेश सरकार के अभियान चलाने की जानकारी मीडिया से मिली है।
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इसके साथ ही विधायक ने पत्र में बारां की खान की झोपड़िया गांव का भी नाम लिया है। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के खनन माफिया के संरक्षण में वहां पर युद्ध स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। अगर किसी को नर्क का दृश्य देखना है, तो वह खान की झोपड़िया गांव में जाकर देख सकता है।