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कांग्रेस का आरोप- राजस्थान वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ी, सत्ता में आए फासिस्ट

Tue, 14 Aug 2018 05:01 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान में भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि साल 2013 से लेकर 2018 तक राज्य में 45 लाख फर्जी वोटर्स जोड़े गए हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन वोटरों की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अगर चुनाव आयोग उनकी इस शिकायत पर संज्ञान नहीं लेता है, तो वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। इससे पहले जून में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में 60 लाख फर्जी वोटर होने का आरोप लगाया था।  
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कांग्रेस का कहना है कि राजस्थान के चुनाव आयुक्त ने 31 जुलाई, 2017 को एक नोटिफिकेशन जारी करके ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां मांगी थी, जिसकी अंतिम तिथि 21 अगस्त है। लेकिन इस ड्राफ्ट मतदाता सूची में कई अनिमियतताएं एवं गड़बड़ियां हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पिछले एक साल में वोटरों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, साथ ही डुप्लीकेट वोटरों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। 

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत का कहना है कि अगर वोटर लिस्ट फेक होगी, तो लोकतंत्र के मायने बदल जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक वोट का भी बहुत महत्व है जैसे सीपी जोशी एक वोट से हारे, तो वाजपेयी सरकार एक वोट से गिर गई। उन्होंने इसे बहुत गंभीर मामला बताते हुए कहा कि देश में ऐसे लोग सत्ता में आ गए हैं, जो फासिस्ट हैं और उनका लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है। गहलौत ने कहा कि इस मुल्क में दो लोगों मोदी और शाह का शासन है और इन्हें हराना जरूरी है, अन्यथा लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। 
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वहीं राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि 45 लाख वोटरों की जांच जरूरी है और चुनाव आयोग इसे संज्ञान में ले। उन्होंने आयोग से वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट नाम हटाने को कहा है। साथ ही वे इस मामले को लेकर गुरुवार को राज्य चुनाव आयोग में भी शिकायत करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने भरोसा दिलाया है कि वह इस पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करेंगे। सचिन के मुताबिक पार्टी के बूथ लेवल एजेंट के पास केवल 10 मतदाताओं के नाम कटवाने की अपील कर सकता है, लेकिन अगर किसी विधानसभा में 30 हजार फर्जी वोटर हैं, तो इस पर कार्रवाई करने में लंबा वक्त लग जाएगा, इसलिए इस मामले में आयोग को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए। पायलट के मुताबिक अगर आयोग उनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं लेता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। 

कांग्रेस नेता विवेक तन्खा के मुताबिक राज्य में 4 करोड़ 75 लाख कुल वोटर हैं, इनमें 2 करोड़ 49 लाख पुरुष और 2 करोड़ 25 लाख महिलाएं हैं, जबकि 45 लाख वोटर डुप्लीकेट हैं। वहीं वोटर कार्ड में मिलने वाले ईपीआईसी के डुप्लीकेट वोटरों की संख्या 91 हजार 261 है। इलैक्टोरल रोल मैनुअल 2016 के मुताबिक अगर किसी घर में 10 से ज्यादा वोटर हैं, तो वैरिफिकेशन होनी चाहिए, लेकिन आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट बनाने में इसे नजरंदाज कर दिया। उन्होंने बताया कि द पोलिटिक्स के फाउंडर विकास जैन ने इन गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग में एफिडेविट भी फाइल किया है। 

इससे पहले राजस्थान की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान कांग्रेस के चीफ सचिन पायलट, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलौत, सीपी जोशी और मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा भी शामिल थे। 

इससे पहले जून माह में मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने चुनाव आयोग से 1 जनवरी, 2018 को प्रकाशित हुई वोटर लिस्ट में 60 लाख फर्जी वोटरों के होने की शिकायत की थी। उन्होंने पूरी वोटर लिस्ट पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से इस फर्जीवाड़े की जांच कराने की मांग की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि 101 विधानसभाओं में जांच कराने पर 24 लाख 65 हजार फर्जी वोटर मिले थे। वहीं 91 विधानसभाओं में जब जांच कराई गई, तो वहां 27 लाख फर्जी वोटर मिले। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ की आबादी वाले मध्य प्रदेश में 12-13 फीसदी वोटर फर्जी हैं। हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने उनके शिकायत को बेबुनियाद बताते हुए रद्द कर दिया था। 
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