सतीश पूनिया ने सोनिया गांधी पर बोला हमला।
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कांग्रेस के चिंतन शिविर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिए गए बयानों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, चिंतन शिविर में वही रटी-रटाई बातें की गईं जिनसे गांधी परिवार खुश होता है। पार्टी में परिवारवाद इस कदर हावी है कि पूरी कांग्रेस गांधी परिवार के सामने नतमस्तक है। इससे आगे कांग्रेस की न कोई सोच है और न कोई विजन है, सिर्फ परिवारवाद की राजनीति के इर्द-गिर्द ही कांग्रेस सिमट गई है।
सतीश पूनिया ने कहा, परिवारवाद, तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार के कारण ही कांग्रेस पूरे देश से सिमट चुकी है। आने वाले विधानसभा चुनाव के बाद राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की हार होगी और देश कांग्रेस मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा, सोनिया गांधी कह रहीं हैं कि तुष्टिकरण की राजनीति हो रही है। क्या उन्हें यह नहीं पता कि कांग्रेस सरकार के शासन में करौली, जोधपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर और नोहर में हिंसा भड़की। कोटा में पीएफआई की रैली को इजाजत किसने दी, क्या सोनिया गांधी को प्रदेश में बहुसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार नहीं दिखते? इन क्षेत्रों के हिंसा पीड़ितों से अशोक गहलोत आज तक मिलने नहीं गए।
सोनिया गाधी गहलोत से कर्जमाफी का वादा पूरा कराएं
हिंसा करने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार सिर्फ लीपापोती कर रही है, एक पक्ष के दोष को छुपाने के लिए दूसरे पक्ष के लोगों को फंसाया जा रहा है। एक वोट बैंक के लिए कांग्रेस तुष्टिकरण कर रही है। उन्होंने ने कहा, सोनिया गांधी को चिंतन शिविर से कोई संदेश देना है तो वह अशोक गहलोत से कहें कि किसान कर्जमाफी का वादा पूरा करें।
दुष्कर्म का आरोप, फिर भी गिरफ्तार नहीं हो रहे विधायकों के बेटे
सतीश पूनिया ने कहा, अशोक गहलोत को याद रखना चाहिए कि देश पर इमरजेंसी कांग्रेस के शासन में थोपी गई थी। अब कांग्रेस के शासन में ही राजस्थान में जनहिते के मुद्दों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों और भाजपा नेताओं के खिलाफ षडयंत्र करके झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। कांग्रेस के कई विधायकों के बेटों को दुष्कर्म के मामलों में आरोपी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।