कांग्रेस नेता अजय माकन ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि पैनल सदस्यों में इस बात पर सहमति बनी है कि पार्टी के नेताओं के किसी भी रिश्तेदार को तब तक टिकट नहीं मिलेगा, जब तक कि वे पार्टी के लिए काम नहीं करते। उन्हें कम से कम पांच साल कांग्रेस पार्टी में रहकर काम करना होगा। उसके बाद ही नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने पर विचार किया जाएगा।
इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति यदि किसी पद पर पांच साल तक रहता है तो उसे वह पद छोड़ना होगा। तीन साल का कूलिंग पीरियड रहेगा। उसके बाद वह फिर उस पद पर काबिज हो सकता है। इस तरह कोई भी व्यक्ति पांच साल से अधिक किसी पोस्ट पर नहीं रहेगा। यह प्रस्ताव नव संकल्प चिंतन शिविर में पेश किए जाएंगे।
संगठन में आमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा
अजय माकन ने कहा कि संगठन में आमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा। पार्टी की पैनल ने इसके लिए विस्तार से प्रस्ताव बनाया है कि हर स्तर पर 50% पदाधिकारी 50 साल से कम उम्र के रहेंगे। युवक कांग्रेस में 35 वर्ष तक के लोग आते हैं। इस वजह से संगठन के हर स्तर पर 50 साल से कम उम्र के कम से कम 50 प्रतिशत पदाधिकारी होंगे।
ब्लॉक और पोलिंग बूथ के बीच बनेंगी समितियां
माकन ने यह भी कहा कि कांग्रेस संगठन में 50 साल से कोई बदलाव नहीं हुए हैं। इस समय पोलिंग बूथ से ब्लॉक के बीच कोई भी समिति या पैनल नहीं है। हमारा प्रस्ताव है कि ब्लॉक और पोलिंग बूथ के बीच 3 से 5 मंडल समितियां होनी चाहिए। 15-20 बूथ का एक मंडल और 3-5 मंडल का एक ब्लॉक होगा। संगठन में इस तरह के बदलाव करने की कोशिश करेंगे।
इसी तरह कांग्रेस पार्टी चुनाव के समय सर्वे एजेंसी को आउटसोर्स करती है। हमारी सहमति बनी है कि कांग्रेस पार्टी का अपना पब्लिक इनसाइट डिपार्टमेंट होना चाहिए। अच्छा काम करने वाले को पुरस्कार नहीं मिलता है, जो पदाधिकारी अच्छा काम नहीं करता, उसे सजा नहीं दी जाती। इसके असेसमेंट के लिए भी विंग बनाएंगे।
वर्किंग कमेटी में चर्चा के बाद लगेगी मुहर
इन प्रस्तावों पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि पार्टी के ग्रुप्स बने हैं। उन ग्रुप्स ने यह सुझाव दिए हैं। वर्किंग कमेटी ने अभी उस पर चर्चा नहीं की है। चर्चा के बाद उन पर मुहर लगेगी। एक परिवार से एक टिकट दिए जाने की बात हो या युवा चेहरों को शामिल करने की बात, इन पर चर्चा होनी है। उसके बाद ही पता चलेगा कि अंतिम नतीजा क्या रहता है। जहां तक चुनाव नतीजे अच्छे नहीं रहने की बात है तो भाजपा के भी एक समय दो ही सांसद थे। जब वह बढ़ सकते हैं तो हम क्यों नहीं? बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी।