राजस्थान के आठ लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राजस्थान सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए समिति का गठन कर दिया है। इस तीन सदस्यीय समिति के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव डी.सी.सामंत है।
यह समिति तीन माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। राजस्थान में सरकार ने अपने कर्मचारियों से समझौता किया हुआ है कि उन्हें केन्द्र के समान ही वेतन और भत्ते दिए जाएंगे। राजस्थान में अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि इस बार के बजट में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा कर सकती है।
केंद्र की तरह सातवें वेतन आयोग का लाभ लेने के लिए कर्मचारी संगठन लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। वहीं आर्थिक संकट से जूझ रही राजस्थान सरकार इस सातवें वेतन आयोग का लाभ देती है, तो उस पर दस हजार करोड रूपए का आर्थिक भार आएगा।
यही कारण है कि अब सरकार ने एक समिति का गठन किया है। समिति रिपोर्ट देगी कि लागू वेतन भत्तों के अनुरूप किस तरह नए वेतन आयोग की सिफरिशें लागू की जा सकती है।