शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन।
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सीएम गहलोत ने जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश के 12 हजार स्कूलों में ई-एजुकेशन के लिए स्कूल ऑफ्टर स्कूल प्रोग्राम को लॉन्च किया।
प्रदेश के 12 हजार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ई-एज्यूकेशन उपलब्ध करवाने के लिए मिशन स्टार्ट सपोर्ट फोर टीचिंग विथ एडवांस रेमेडियल टेक्निक्स कार्यक्रम और राजकीय विद्यालयों में रॉबोटिक्स लैब कार्यक्रम की लॉचिंग की गई है। इसके अलावा शाला दर्पण शिक्षक ऐप और शाला सम्बलन ऐप 2.0 का भी शुभारंभ किया गया।
प्रत्येक जिले से 3 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का राज्य स्तर पर सम्मान
राज्य स्तरीय शिक्षा सम्मान समारोह में प्रत्येक जिले से तीन सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश के कुल 50 जिलों से 149 शिक्षकों का चयन कर सम्मान दिया गया। राज्यस्तर पर सम्मानित शिक्षकों को 21 हजार रुपए, ताम्र पत्र, प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट किया गया।
आरएसएस और नॉन आरएसएस मेरे लिए मायने नहीं रखता है
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा- शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई फैसले लिए हैं। अब राजस्थान पहले वाला नहीं है, यहां बहुत बदलाव आ गए हैं। उन्होंने ने कहा कि मिशन 2030 में सबसे बड़ी भूमिका शिक्षकों की है।
गहलोत कहा कि मैं मुख्यमंत्री बनता हूं और फिर मंत्रिमंडल बनता है तो मंत्री कहते हैं कोई भी विभाग दे दो, लेकिन शिक्षा विभाग मत देना। कल्ला जी भी यही बात कहते हैं। हालांकि, ये इनका एक्सपरटाइ हो गया है। यह चार-पांच बार मंत्री बन चुके हैं और शिक्षकों को भी पटा के रखते हैं। गहलोत ने कहा इस ऑडिटोरियम में एक ओर ताली बज रही है, लेकिन दूसरी तरफ नहीं बज रही। कहीं, इसमें भी आरएसएस और नॉन आरएसएस वाले शिक्षकों का मामला तो नहीं है। सीएम ने कहा कि ताली तो जोरदार बजनी चाहिए। आरएसएस और नॉन आरएसएस मेरे लिए मायने नहीं रखता है।