मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भरतपुर में अवैध खनन के खिलाफ आत्मदाह करने वाले संत विजय बाबा के निधन पर शोक जताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मृतक संत विजयदास के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही मामले की जांच प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी को देने की बात कही है।
सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि संत विजय बाबा का निधन बेहद दुखद है। हमनें उन्हें बचाने के हरसंभव प्रयास किए। उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करवाई गई। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। सीएम ने आगे लिखा कि मुझे दुख है कि जब सरकार ने उनकी मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दे दी थी तो फिर उन्हें किन परिस्थितियों में यह दुर्भाग्यपूर्ण कदम उठाना पड़ा। इस घटना की जांच प्रमुख शासन स्तर के अधिकारी से करवाने का निर्णय लिया है।
भरतपुर में अवैध खनन को लेकर साधु-संत 550 दिन से विरोध जता रहे थे। 20 जुलाई को बड़ी संख्या में संत आंदोलन के लिए जुटे, इसी दौरान संत विजयदास ने खुद को आग लगा ली थी। जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। संत विजयदास का बरसाना में अंतिम संस्कार किया गया।