पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। सीएम ने सोशल मीडिया पर #ERCP_नेशनलप्रोजेक्टबनाओ की मुहिम छेड़ रखी है। एक बार फिर बुधवार को मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि आखिर राजस्थान के साथ केंद्र सरकार भेदभाव क्यों कर रही है?
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि प्रधानमंत्री जी आपने 2018 में चुनाव से पहले कहा था कि ईआरसीपी से 13 जिलों में रहने वाली प्रदेश की 40 फीसदी जनता को पीने का मीठा पानी और किसानों को सिंचाई जल मिल सकेगा लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया। जब दूसरे प्रदेशों में चल रहीं 16 परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना बनाया जा सकता है तो राजस्थान जैसे मरुस्थलीय और गहराते जलस्तर और बिना बारहमासी नदियों के राज्य की इस जल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित ना करना हर किसी के समझ के परे है।
आखिर राजस्थान के साथ केंद्र सरकार भेदभाव क्यों कर रही है? सीएम ने कहा कि ऊपर से आपके जलशक्ति मंत्री घाव पर नमक छिड़क रहे हैं कि प्रधानमंत्री जी ने अपनी अजमेर की चुनावी सभा के दौरान ईआरसीपी के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला।
वहीं गहलोत के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा है। खाचरियावास ने कहा कि मेरे कहने से तो शेखावत इस्तीफा देंगे नहीं पर कम से कम जनता की पानी की मांग को सुन लें। उन्होंने तो प्रधानमंत्री के वादे को नकार दिया। मुख्यमंत्री और जलदाय मंत्री दोनों जोधपुर से हैं। कम से कम उसी लाज रखो। पानी के लिए परेशान प्रदेश की जनता को आप धोखा दे रहे हो।
बता दें कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करवाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने 13 जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नेता केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।