चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार तहसील क्षेत्र में रेस्क्यू किया मगरमच्छ।
चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार तहसील के सेमलिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक खेत के पास ग्रामीणों ने करीब 10 फीट लंबा मगरमच्छ देखा। घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है, जब सेमलिया गांव के बाहर एक खेत में ग्रामीणों की नजर एक विशाल मगरमच्छ पर पड़ी। देखते ही देखते गांव में दहशत फैल गई और भारी भीड़ एकत्र हो गई। मगरमच्छ का आकार देखकर लोग भयभीत हो उठे, वहीं कुछ में इसे देखने की उत्सुकता भी थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतने पास से इतना बड़ा मगरमच्छ देखा है।
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मगरमच्छ की सूचना तुरंत वन विभाग और वन्य जीव प्रेमी मनीष तिवारी को दी गई। उपवन संरक्षक राहुल झांझरिया के निर्देश पर वन विभाग की टीम और तिवारी के निर्देशन में वन्य जीव प्रेमी पियूष कांबले और रामकुमार साहू मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संयुक्त टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने में सफलता पाई। वन्य जीव विशेषज्ञ मनीष तिवारी ने बताया कि यह मगरमच्छ वयस्क है, जिसकी लंबाई करीब 10 फीट और वजन लगभग 150 किलो है। संभवतः यह बेड़च नदी से रास्ता भटक कर गांव के पास आ गया था। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को उसके नैसर्गिक आवास बस्सी डेम में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
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रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पियूष कांबले ने ग्रामीणों को वन्य जीवों की पर्यावरणीय भूमिका और उनके संरक्षण के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पारिस्थितिकी तंत्र के आवश्यक घटक हैं और हमें उनसे डरने की बजाय उनके संरक्षण की दिशा में सहयोग करना चाहिए। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के नाथू सिंह, भगवानलाल गायरी, शंकरलाल जाट, शंभूलाल तेली सहित अन्य अधिकारी व ग्रामीण शामिल रहे।