फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chittorgarh News: खेत में पहुंचा 10 फीट लंबा और 150 किलो का मगरमच्छ, दो घंटे बाद किया गया रेस्क्यू

Fri, 20 Jun 2025 04:34 PM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

वन्य जीव विशेषज्ञ मनीष तिवारी ने बताया कि यह मगरमच्छ वयस्क है, जिसकी लंबाई करीब 10 फीट और वजन लगभग 150 किलो है। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को उसके नैसर्गिक आवास बस्सी डेम में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार तहसील क्षेत्र में रेस्क्यू किया मगरमच्छ।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार तहसील के सेमलिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक खेत के पास ग्रामीणों ने करीब 10 फीट लंबा मगरमच्छ देखा। घटना मंगलवार शाम करीब 6 बजे की है, जब सेमलिया गांव के बाहर एक खेत में ग्रामीणों की नजर एक विशाल मगरमच्छ पर पड़ी। देखते ही देखते गांव में दहशत फैल गई और भारी भीड़ एकत्र हो गई। मगरमच्छ का आकार देखकर लोग भयभीत हो उठे, वहीं कुछ में इसे देखने की उत्सुकता भी थी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार इतने पास से इतना बड़ा मगरमच्छ देखा है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बालोतरा में बारिश ने खोली नगर परिषद के दावों की पोल, व्यवस्था फेल, जलजमाव से बिगड़े हालात

मगरमच्छ की सूचना तुरंत वन विभाग और वन्य जीव प्रेमी मनीष तिवारी को दी गई। उपवन संरक्षक राहुल झांझरिया के निर्देश पर वन विभाग की टीम और तिवारी के निर्देशन में वन्य जीव प्रेमी पियूष कांबले और रामकुमार साहू मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संयुक्त टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने में सफलता पाई। वन्य जीव विशेषज्ञ मनीष तिवारी ने बताया कि यह मगरमच्छ वयस्क है, जिसकी लंबाई करीब 10 फीट और वजन लगभग 150 किलो है। संभवतः यह बेड़च नदी से रास्ता भटक कर गांव के पास आ गया था। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को उसके नैसर्गिक आवास बस्सी डेम में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: एमपी बोर्ड कक्षा 5वीं और 8वीं की पुनः परीक्षा के परिणाम घोषित, यहां से डाउनलोड करें रिजल्ट

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पियूष कांबले ने ग्रामीणों को वन्य जीवों की पर्यावरणीय भूमिका और उनके संरक्षण के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पारिस्थितिकी तंत्र के आवश्यक घटक हैं और हमें उनसे डरने की बजाय उनके संरक्षण की दिशा में सहयोग करना चाहिए। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के नाथू सिंह, भगवानलाल गायरी, शंकरलाल जाट, शंभूलाल तेली सहित अन्य अधिकारी व ग्रामीण शामिल रहे।
 

 

 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें