रात 12 बजे होगी महा आरती, इंदौर से आई पोषक धारण करेंगे भगवान
जन्माष्टमी के दिन शनिवार को सुबह सामान्य दिनों की तरह पूजा अर्चना होगी। वहीं रात 12 बजे भगवान के जन्म के समय महाआरती होगी और इंदौर से बन कर आई विशेष पोशाक धारण करवाई जाएगी। पूजा अर्चना को लेकर मंदिर के ओसरा पुजारी कमलेश वैष्णव बताया कि शनिवार को सुबह 5.30 बजे मंगला आरती, 6.30 से 8 बजे तक शृंगार होगा, जिससे दर्शन नहीं होंगे। सुबह 10 से 11.15 तक राज भोग आरती के बाद दोपहर 12 बजे शयन होगा। वहीं दोपहर 2.30 से दर्शन शुरू होकर रात 10.30 बजे पर्दा लगेगा। बाद में भगवान के जन्म के समय 12.5 बजे पुनः दर्शन शुरू होंगे और विशेष आरती होगी। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन भी होंगे।
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जगमगाई सांवलिया सेठ की नगरी, हुई सजावट
जन्माष्टमी और करीब एक पखवाड़े बाद आने वाले भगवान सांवलिया सेठ के जल झूलनी एकादशी मेले को लेकर अभी से तैयारियां की जा रही हैं। भगवान सांवलिया सेठ की नगरी रोशनी से जगमगा उठी है। वहीं मंदिर परिसर में भी विशेष शृंगार किया जा रहा है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर और श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम ने बताया कि वर्षों पुरानी परम्परा के अनुसार श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर मंदिर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की है। मंदिर प्रशासन के द्वारा सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्री सांवलिया सेठ के दरबार में पहुंचने वाले लाखों श्रृद्धालुओं की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर प्रभार भी दिए हैं। श्रृद्धालुओं के लिए आवास व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन व्यवस्था, वाहन पार्किंग व्यवस्था सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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मंदिर में भक्तों की भीड़।
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