सहकारिता मंत्री गौतम दक ने वितरित किए चेक।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों की पीड़ा को समझते हुए सहकारी बैंकों को पुनर्जीवन दिया है। इस योजना को स्वीकार कराने में बैंक के चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने जगह-जगह जाकर मुद्दा उठाया और निरंतर प्रयास किया। संचालक मंडल एवं बैंक परिवार इस उपलब्धि के लिए साधुवाद के पात्र हैं। यह बात सहकारिता मंत्री गौतम दक ने रविवार को चित्तौड़गढ़ में भूमि विकास बैंक के लाभांश वितरण कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्रमुख बैंकों में चित्तौड़गढ़ भूमि विकास बैंक का नाम शीर्ष पर होना हम सभी के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि सामूहिक भावना और एकजुट प्रयास का परिणाम है। अब तक लगभग 1.65 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। मंत्री दक ने संस्था में नवाचार करने, सदस्यता वृद्धि पर ध्यान देने और आने वाले पांच वर्षों में बैंक को और अधिक प्रगति की ओर ले जाने का आह्वान किया। इस दौरान सहकारिता मंत्री ने कार्यक्रम में लाभांश राशि डिजिटल माध्यम से सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की। मात्र एक बटन दबाने से राशि किसानों तक पहुंचाना डिजिटल इंडिया की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
इस अवसर पर सांसद सीपी जोशी ने कहा कि बद्रीलाल जाट ने बैंक को पुनः सुचारू रूप से चलाने के लिए अत्यंत परिश्रम किया है। स्वागत उद्बोधन में भूमि विकास बैंक चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने कहा- सहकारिता क्षेत्र किसानों और आमजन के आर्थिक सशक्तिकरण की आधारशिला है। सहकारिता केवल संस्था नहीं, बल्कि समाज और किसानों की प्रगति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का सहकारिता क्षेत्र नए आयाम स्थापित करेगा।
विधायक चंद्रभान आक्या, विधायक अर्जुनलाल जीनगर, विधायक सुरेश धाकड़ ने भी सहकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में जिला प्रमुख गब्बर सिंह अहीर, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, प्रदेशाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रवास प्रभारी श्रवण सिंह राव सहित सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनेक पदाधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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सरकार को दिया 10 लाख का चेक
भूमि विकास बैंक चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने नवाचार करते हुए राजस्थान सरकार को राज्यपाल के नाम से 10 लाख 373 रुपये का चेक भेंट किया। वहीं, 6 हजार से अधिक किसानों को डिजिटल माध्यम से भुगतान भी किया गया। इसके अलावा बैंक और किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक ज्ञापन सहकारिता मंत्री को भी सौंपा।
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