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Rajasthan: चित्तौड़गढ़ कार आग कांड का खुलासा, होटल व्यवसायी का था जला हुआ पैसा; जनरेटर खरीदने जा रहा था गुजरात

Mon, 10 Nov 2025 10:09 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

Chittorgarh News: चित्तौड़गढ़ में कार में जली नकदी का मामला सुलझ गया है। होटल व्यवसायी जनरेटर खरीदने गुजरात जा रहा था, वह आग लगने पर कार छोड़ भाग गया। पुलिस ने जले नोटों का वजन दो किलो पाया था, नकदी की वास्तविक राशि पर जांच जारी है।
 
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कार के बोनट से मिले थे जले हुए नोट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चित्तौड़गढ़ के सदर थाना क्षेत्र में दो दिन पहले कार में आग लगने और बड़ी मात्रा में नकदी जलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जलने वाली यह रकम अजमेर जिले के एक होटल व्यवसायी की थी, जो गुजरात के भावनगर में जनरेटर खरीदने जा रहा था। अचानक कार में आग लगने के बाद वह अपने साथियों सहित कार को लावारिस हालत में छोड़कर भाग गया।

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कार में केवल पांच लाख बताई नकदी, पुलिस जांच में जुटी
सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को भीलवाड़ा से उदयपुर की ओर जा रही एक कार में रिठाला चौराहे के पास आग लग गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर काफी मात्रा में नोट जलते हुए मिले।
 
मौके से फरार हो गए थे कार सवार
कार नंबर से पहचान करने पर पता चला कि वाहन अजमेर जिले के गोवलिया निवासी संजय रावत का है। पूछताछ में उसने बताया कि वह देवमाली गांव में होटल और रेस्टोरेंट चलाता है, जहां बिजली कटौती की समस्या के चलते वह पांच लाख रुपये लेकर जनरेटर खरीदने गुजरात जा रहा था। उसने बताया कि दो लाख उसके अपने थे और तीन लाख उसने एक परिचित से उधार लिए थे। साथ में उसका एक रिश्तेदार और एक मित्र भी मौजूद था। कार में आग लगते ही वे सभी डरकर मौके से भाग गए।
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पुलिस चेकिंग से बचने के लिए कार के बोनट में छिपाई नकदी
पुलिस ने संजय रावत और उसके साथियों से पूछताछ में यह भी पाया कि उन्होंने नकदी कार के बोनट में छिपा रखी थी। होटल व्यवसायी ने बताया कि रास्ते में नाकाबंदी और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए उसने पैसे बोनट में रखे थे। थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह के अनुसार, अगर सारा लेन-देन वैध था, तो नकदी छिपाने की क्या जरूरत थी, यह भी जांच का विषय है।

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जले नोटों का वजन 2 किलो से अधिक, नकदी की असल राशि पर संदेह
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आग संभवतः बोनट से ही शुरू हुई थी, जहां नकदी रखी थी। आग कार के पिछले हिस्से तक फैल गई थी। घटना के बाद बरामद अधजले नोटों का वजन दो किलो से अधिक निकला। इससे पुलिस को शक है कि कार में पांच लाख से कहीं अधिक नकदी मौजूद थी, जिसे कम बताया जा रहा है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि इसमें दो करोड़ रुपये तक की अवैध राशि हो सकती है, जो अब जांच का हिस्सा है।
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पुलिस विभिन्न पहलुओं से कर रही अनुसंधान
पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं से जांच की जा रही है- पैसे की वास्तविक राशि, आग लगने का कारण और किसी अवैध लेन-देन की संभावना सहित। संजय रावत के रिश्तेदारों और मित्रों से भी पूछताछ जारी है।

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