अस्पताल में मरीजों के हाल जानते विधायक एवं कलेक्टर
जिले के बेगूं उपखंड क्षेत्र के वार्ड संख्या 25, धूलखेड़ा में उल्टी-दस्त की चपेट में आने से दो बुजुर्गों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। लगातार बढ़ते मामलों के बाद विधायक सुरेश धाकड़ एवं जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने मौके का निरीक्षण किया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए लापरवाह कार्मिकों पर कार्रवाई की है। प्रशासन की ओर से चार कार्मिकों को निलंबित किया गया है, जबकि तीन अधिकारियों को राजस्थान सिविल सेवा (शिस्त एवं अपील) नियम 1958 के नियम 17 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है।
धूलखेड़ा में पिछले एक सप्ताह से उल्टी-दस्त के मरीज सामने आ रहे थे। 16 से 20 मई के बीच उप जिला चिकित्सालय बेगूं में 66 मरीजों को भर्ती किया गया, जिनमें से 28 को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, पांच को चित्तौड़गढ़ जिला चिकित्सालय रैफर किया गया और शेष 33 मरीजों का इलाज डे केयर एवं वार्ड में जारी है। प्रभावित क्षेत्र में चार मेडिकल टीमें गठित कर लगातार सर्वे कराया जा रहा है। ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां और जरूरी दवाइयों का वितरण किया गया है। पेयजल आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है और सुपर क्लोरीनेशन की प्रक्रिया अपनाई गई है।
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जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की प्राथमिक जांच में लापरवाही सामने आने पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), उपखंड बेगूं के कनिष्ठ अभियंता एवं सहायक को निलंबित किया गया है। वहीं नगर पालिका बेगूं के एक जमादार और सफाई कर्मचारी को भी निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा नगर पालिका बेगूं के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी (पदेन नायब तहसीलदार), पीएचईडी के सहायक अभियंता और स्वास्थ्य निरीक्षक के विरुद्ध सीसीए नियम 17 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर आलोक रंजन ने श्री सांवलियाजी राजकीय सामान्य चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया, जहां बेगूं से रैफर किए गए मरीज भर्ती हैं। उन्होंने भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीएमओ डॉ. दिनेश वैष्णव को उचित निर्देश दिए।