वंडर सीमेंट फैक्ट्री को सप्लाई किए जाने वाले कोयले में मिलावट करके करीब 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में निंबाहेड़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। मामले में कोयला सप्लाई को लेकर हुए एग्रीमेंट की शर्तों के उल्लंघन की शिकायत की गई थी।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि 8 जुलाई को प्रमोद कुमार चौधरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा गया था कि सामा इंटरप्राइजेज के मालिक इस्माइल भाई और उनके प्रतिनिधि प्रतिपाल सिंह ने कोयला सप्लाई को लेकर हुए एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन किया। आरोप था कि कांडला बंदरगाह पर आयातित कोयले को गुजरात के मोरबी में ले जाकर निम्न गुणवत्ता वाले कोयले के साथ मिलावट की गई और इसे सीमेंट फैक्ट्रियों को सप्लाई किया गया।
शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने गुजरात के जामनगर, राजकोट, कांडला, और मोरबी में पांच दिन तक आरोपियों की तलाश की। मुख्य आरोपी प्रतिपाल सिंह बार-बार अपनी लोकेशन बदलकर और अलग-अलग फोन का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। साइबर सेल की मदद से उसे सुरेंद्रनगर जिले के थानगढ़ स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रतिपाल सिंह ने स्वीकार किया कि कांडला बंदरगाह से आयातित कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलाया जाता था, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता कि कोयला असली है या नकली। इसके बाद यह कोयला सीमेंट फैक्ट्रियों को सप्लाई किया जाता था। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपी इस्माइल भाई की तलाश कर रही है।
इस धोखाधड़ी से वंडर सीमेंट की सप्लाई चेन पर न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचा है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।