कलेक्ट्रेट परिसर में ही एक महिला से ठगी का मामला सामने आया है। इसमें अज्ञात व्यक्ति एक महिला को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर आभूषण ठग कर ले गए। मामला सामने आने के बाद महिला हतप्रभ रह गई। रविवार का अवकाश होने के कारण ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे लोगों को समय पर पता नहीं चल आया। करीब 15 मिनट में ही आरोपी ने ठगी की वारदात को अंजाम दे दिया। इस मामले की सूचना कोतवाली थाना पुलिस को भी दी है।
जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ के विजयपुर थाना क्षेत्र में आने वाले केलझर गांव निवासी भरत कंवर (60) अपने पीहर सावा परिवार में हुई मौत को लेकर सांत्वना देने जा रही थी। यह कलेक्ट्रेट चौराहे से आगे बस में बैठने वाली थी। तभी एक अधेड़ ने आकर झांसे में ले लिया। अज्ञात व्यक्ति ने इसे बताया कि सरकारी योजना के 2500 रुपये सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं। उसने भी अपनी मां को रुपये दिलाकर लाया। उसने स्वयं को शंभूपुरा का निवासी बताया। इससे वृद्धा झांसे में आ गई और कलक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर उसके साथ आ गई।
ठग ने वृद्धा को कहा कि अधिकारी से वह आपकी सहायता के रुपये लेने जा रहा है पर कुछ सोना रखना पड़ेगा। वह 15 मिनट में वापस लाकर सोना दे देगा। इस पर वृद्धा उसके झांसे में आ गई और गले में पहना दो तोला वजनी सोने का मंगलसूत्र ठग को दे दिया। वह मंगलसूत्र को लेकर कलक्ट्रेट के अंदर पार्क में होता हुआ बाहर निकाल कर फरार हो गया। काफी देर तक वह नहीं आया तो वृद्धा ने इसकी जानकारी कलेक्ट्रेट में आने-जाने वाले लोगों को दी। इस पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। कोतवाली थाना पुलिस महिला को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर तलाशी की।
पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय के आस-पास में लगे सीसीटीवी कैमरे भी देखें। इसमें आरोपी दिखाई दिया जो शातिर निकला। फुटेज में उसका चेहरा तो दिख रहा है पर वह काफी तेजी से दौड़ता हुआ निकल गया। काफी मशक्कत करने के बाद भी इसका स्पष्ट चेहरा नजर नहीं आया। इस मामले में शहर कोतवाली में ठगी रिपोर्ट भी महिला ने दर्ज करवाई। बताया गया कि भरत कंवर के पति रघुवीर सिंह बकरी चरा कर अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं। महिला के पीहर में मौत होने के चलते उसने अपने परिजन से मंगलसूत्र मांग कर वह सावा जा रही थी। ठगी होने पर वृद्धा की आंखों से आंसू आ गए। वृद्धा ने बताया कि वह अब मंगलसूत्र कैसे देगी।